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इन सांसदों कि बगावत की वजह से चुनाव के बाद भाजपा को लग सकता है जोर का झटका

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उत्तर प्रदेश चुनाव के बाद भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनेगी या नहीं यह तो 10 मार्च को पता चलेगा लेकिन बीजेपी को झटके मिलने शुरू हो गए हैं। बदायूं की सांसद संघमित्रा मौर्य ने अपने पिता स्वामी प्रसाद मौर्य और प्रयागराज से सांसद रीता बहुगुणा जोशी ने अपने बेटे के बहाने बीजेपी पर हमला बोला है। वरुण गांधी पहले से ही कई मुद्दों पर पार्टी और पीएम मोदी को कटघरे में खड़ा कर चुके हैं।

संघमित्रा के पिता पांच साल तक योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री की मलाई काटने के बाद सपा से कुशीनगर जिले की फाजिलनगर सीट से उम्मीदवार हैं, जबकि मंगलवार को प्रचार के दौरान सपा और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच हुई झड़प के बाद संघमित्रा मौर्य ने एक ओर भाजपा को नसीहत का पाठ पढ़ाया है तो दूसरी ओर अपरोक्ष रूप से समाजवादी पार्टी के लिए कसीदे भी कढ़े हैं।

मंगलवार को पिता पर हुए हमले के बाद संघमित्रा आग बबूला हो गईं थीं। उन्होंने बीजेपी कार्यकर्ताओं को जमकर कोसा था। इससे पहले वह अपने पिता स्वामी प्रसाद मौर्य का बचाव करते हुए बीजेपी के खिलाफ बोलने से बचती थीं, लेकिन फाजिलनगर में जो घटना घटी उसके बाद अब संघमित्रा ने बीजेपी के खिलाफ अब मोर्चा खोलते हुए फाजिलनगर की जनता से स्वामी प्रसाद मौर्य को जिताने की बात कर रही हैं। जिससे कहा जा रहा है कि अब संघमित्रा मौर्य भी समाजवादी हो सकती हैं।

वहीं पूर्व कैबिनेट मंत्री और प्रयागराज से सांसद रीता बहुगुणा जोशी भी समाजवादी पार्टी का दामन थाम सकती हैं। रीता बहुगुणा जोशी अपने बेटे के लिए लखनऊ कैंट सीट से टिकट मांग रही थीं, उन्होंने बेटे के लिए राजनीति से सन्यास लेने की भी बात कह दी थी लेकिन भाजपा आलाकमान ने उनके बेटे को टिकट नहीं दिया। इससे नाराज उनके बेटे मयंक जोशी ने लखनऊ में मतदान से एक दिन पहले ही समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव से जाकर मुलाकात की। इस मुलाकात की तस्वीर अखिलेश यादव ने अपने ट्विटर अकाउंट पर शेयर कर मतदाताओं को एक संदेश देने का भी काम किया। मयंक जोशी ने अखिलेश यादव से मुलाकात के पहले अपनी मां से जरुर बात की होगी। क्योंकि उन्हें राजनीति में मां के सहारे से आगे की सीढ़ी चढ़नी है। ऐसे में कहा जा रहा है कि रीता बहुगुणा जोशी भी आने वाले दिनों में सपा की ओर रुख कर सकती हैं

 

पीलीभीत से सांसद वरुण गांधी तो खुले तौर पर केंद्र सरकार और योगी सरकार पर हमलावर हैं। वरुण गांधी किसान आंदोलन, लखीमपुर खीरी हिंसा, बेरोजगारी, महंगाई को लेकर अपनी सरकार को कोसते रहते हैं। वरुण बीजेपी में साइड लाइन भी हो गए हैं। वह पार्टी के किसी कार्यक्रम में नजर नहीं आते, वरुण गांधी को लेकर बीजेपी के वरिष्ठ नेता बोलने से बचते हैं। उन्होंने भी पीलीभीत में मतदान से पहले अखिलेश यादव और जयंत चौधरी की तारीफ की थी और बीजेपी प्रत्याशी पर हमला बोला था।

 

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