काशीपुर: सरकारी भूमि का सौदा करने के नाम पर एक व्यापारी ने करोड़ों की ठगी का आरोप लगाया है. व्यापारी ने मामले में एक आढ़ती और उसके परिजनों के खिलाफ तहरीर दी है. जिसके बाद पुलिस ने तहरीर के आधार पर आढ़ती समेत उसके परिवार के दो और सदस्यों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया है. पुलिस अब मामले की जांच कर रही है.
दरअसल, काशीपुर के मोहल्ला काजीबाग निवासी शक्ति अग्रवाल ने पुलिस को बताया कि साल 2020 में रामनगर रोड स्थित देवस्थली निवासी रघुनाथ अरोरा ने आराजी खसरा नं. 220 एकवा 477650 वर्ग फिट जो कि ग्राम महेशपुरा रामनगर रोड, काशीपुर में स्थित है, उसे बेचने का सौदा किया. जिसकी कीमत 11 करोड़ 46 लाख 36 हजार तय की गई. सौदा तय होने पर उसने एक करोड़ रुपए की रकम बयाने के तौर पर अदा की. इसके बाद शेष रकम 10 करोड़ 81 लाख 24 हजार 167 रुपये मय ब्याज के रघुनाथ अरोरा, विराट अरोरा, मीना अरोरा को भुगतान किया.
रकम भुगतान होने के बाद बेनामा करने में तीनों ने टाल मटोल करना शुरू कर दिया. शिकायतकर्ता शक्ति अग्रवाल ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि साल 2019 में उसने रघुनाथ अरोरा से मोहल्ला जसपुर खुर्द स्थित एक अन्य जमीन का सौदा एक करोड़ एक लाख रुपये में किया. 50 हजार बयाना देने के बाद 80 लाख रुपये तय समय पर और दे दिये गये. शेष 20 लाख 50,000 रुपये 10 मई, 2022 तक देना तय किया गया. इस बार भी बैनामा करने के नाम पर आरोपी रघुनाथ अरोरा ने बहानेबाजी तथा टालमटोली शुरू कर दी.
शक होने पर जब ऑनलाइन खतौनी चेक की गई तो पता चला कि रघुनाथ अरोरा, विराट अरोरा मीना अरोरा ने आपस में एक होकर राजकीय भूमि का सौदा कर दिया, जो खसरा नं. 423 व रकबा 0.045 हेक्टेयर है. वह बंजर भूमि में दर्ज है. इस तरह पीड़ित शक्ति अग्रवाल का आरोप है 2 बार में रघुनाथ अरोरा एंड कंपनी ने 12 करोड़ 61 लाख 74 हजार 357 रुपए हड़प लिए. पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तहरीर के आधार पर उक्त तीनों आरोपियों के विरुद्ध धोखाधड़ी की संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कर मामले की गहनता से जांच शुरू कर दी है.
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