
22 और 23 अक्टूबर को कृपाल आश्रम में होगा भव्य आध्यात्मिक आयोजन, विशाल वाटरप्रूफ पंडाल तैयार; पार्किंग से लंगर तक 22 से अधिक विभाग संभालेंगे व्यवस्थाएं
राजू अनेजा,काशीपुर। आध्यात्मिक चेतना, प्रेम, भाईचारे और आत्मिक शांति का संदेश लेकर विश्व-विख्यात आध्यात्मिक गुरु एवं सावन कृपाल रूहानी मिशन के प्रमुख परम पूजनीय संत राजिन्दर सिंह जी महाराज 22 और 23 अक्टूबर को काशीपुर में श्रद्धालुओं को अपने आध्यात्मिक विचारों से लाभान्वित करेंगे। गढ़ी नेकी रोड स्थित कुंडा चौराहे के पास कृपाल आश्रम में आयोजित होने वाले इस दो दिवसीय कार्यक्रम को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह है। आयोजकों के अनुसार, कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ विदेशों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है।
दो दिन, दो विशेष आयोजन; प्रेम और आत्मिक शांति का मिलेगा संदेश
कार्यक्रम के पहले दिन 22 अक्टूबर को शाम सात बजे संत राजिन्दर सिंह जी महाराज संगत को दर्शन देंगे। वहीं, 23 अक्टूबर को शाम सात बजे आध्यात्मिक सत्संग का आयोजन किया जाएगा। सत्संग के दौरान महाराज जी अपने प्रवचनों के माध्यम से आपसी प्रेम, भाईचारे, मानवीय मूल्यों और मन की शांति प्राप्त करने के मार्ग पर प्रकाश डालेंगे।
आयोजकों के मुताबिक, इस आध्यात्मिक आयोजन का उद्देश्य लोगों को आत्मचिंतन, प्रेम और सद्भाव की प्रेरणा देना है। सत्संग के उपरांत आध्यात्मिक दीक्षा का कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा, जिसमें इच्छुक नए जिज्ञासुओं को आध्यात्मिक मार्ग से जुड़ने का अवसर मिलेगा।
70 हजार से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान, विशाल पंडाल तैयार
कृपाल आश्रम में होने वाले इस आयोजन की व्यापकता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आयोजकों को दोनों दिनों के कार्यक्रम में 70 हजार से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। श्रद्धालुओं की संभावित भारी संख्या को देखते हुए आश्रम परिसर में विशाल वाटरप्रूफ पंडाल तैयार किया गया है, ताकि श्रद्धालु व्यवस्थित तरीके से बैठकर सत्संग का श्रवण कर सकें।
बड़ी संख्या में लोगों के आगमन को देखते हुए आयोजन स्थल पर व्यवस्थाओं को सुचारू बनाए रखने के लिए व्यापक तैयारियां की गई हैं। आयोजकों का प्रयास है कि श्रद्धालुओं को कार्यक्रम में शामिल होने के दौरान किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
पार्किंग, चिकित्सा और लंगर समेत 22 से अधिक विभाग संभालेंगे मोर्चा
दो दिवसीय कार्यक्रम में व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखने के लिए मिशन की ओर से 22 से अधिक विभाग सक्रिय रहेंगे। इनमें पार्किंग, चिकित्सा, गठरी गोदाम, यातायात, लंगर, कैंटीन और पंडाल सेवा सहित विभिन्न व्यवस्थाओं से जुड़े विभाग शामिल हैं।
बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए लंगर और पार्किंग की व्यवस्था लगातार जारी रखने की तैयारी है। वहीं, सत्संग के दौरान यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए मिशन के सेवादार सड़कों पर भी व्यवस्थाएं संभालेंगे। श्रद्धालुओं की आवाजाही और आयोजन स्थल पर व्यवस्था बनाए रखना आयोजकों के लिए प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है।
देश-विदेश से पहुंचेगी संगत, श्रद्धालुओं में उत्साह
मिशन के स्थानीय सचिव रंजीत सिंह ने बताया कि संत राजिन्दर सिंह जी महाराज के आध्यात्मिक सत्संग को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह है। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों के साथ विदेशों से भी बड़ी संख्या में संगत के पहुंचने की संभावना है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं।
उन्होंने बताया कि 22 अक्टूबर को शाम सात बजे दर्शन और 23 अक्टूबर को शाम सात बजे सत्संग का आयोजन होगा। सत्संग के उपरांत आध्यात्मिक दीक्षा कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा।
आध्यात्मिक संदेश के साथ सेवा और समर्पण का संगम
कृपाल आश्रम में आयोजित होने वाला यह दो दिवसीय कार्यक्रम आध्यात्मिक प्रवचनों के साथ सेवा, अनुशासन और समर्पण की भावना को भी सामने लाएगा। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की संभावित भागीदारी को देखते हुए मिशन के सेवादार व्यवस्थाओं को सुचारू बनाए रखने में जुटे हैं। अब श्रद्धालुओं को संत राजिन्दर सिंह जी महाराज के दर्शन और आध्यात्मिक सत्संग का इंतजार है।
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