
पूरे 45 दिन आखिर हमजा कहां रहा और क्यों अपने परिजनों से दूर रहा ?इस पूरे मामले से पर्दा उठाते हुए कोतवाली प्रभारी लालकुंआ दिनेश फत्र्याल ने बताया कि हमजा से हुई पूछताछ में उसने बताया कि एक दिन वह मोबाइल पर फेसबुक देख रहा था। फेसबुक पर एक कहानी सामने आई। जिसमें एक युवक घर से लापता हो जाता है और जब बरामद होता है तो उसकी घरवालों ने क्रिकेट एकेडमी में जाने की जिद पूरी कर दी। इसके अलावा उसने सोशल मीडिया पर अपनी जिद मनवाने की कई कहानियां भी देखी।
बताया कि वह भी कई दिनों से घरवालों पर क्रिकेट एकेडमी में जाने की जिद कर रहा था, लेकिन घर वाले टालमटोल कर रहे थे। जिसके बाद उसने दो जुलाई को घर से भागने का फैसला किया और शाम आठ बजे के करीब रुद्रपुर रेलवे स्टेशन से लालकुआं स्टेशन पर उतर गया। उस वक्त वह बिल्कुल भी घर नहीं जाना चाहता था, क्योंकि उसको यकीन था कि वह जितना घरवालों को मानसिक परेशान करेगा और जब वह घर जाएगा तो घर वाले उसी क्रिकेट एकेडमी भेज देंगे, लेकिन वह अपनी ही कल्पना में फंसता चला गया।
चर्चित हमजा लापता प्रकरण में घर से चले जाने के बाद उसकी मुलाकात ट्रेन में एक व्यक्ति से हुई। बताया कि व्यक्ति लालकुआं उसे अपने घर ले गया। जहां उसकी पत्नी ने इसका विरोध किया और तीन दिन बीत जाने के बाद घर में कलेश होने लगा तो व्यक्ति ने उसे पुन: रेलवे स्टेशन के आसपास छोड़ दिया। जहां उसकी मुलाकात एक कारपेंटर से हुई। आरोप था कि कारपेंटर उसे क्रिकेट एकेडमी में भेजने का झांसा देकर साथ ले गया और अपने साथ काम पर ले जाने लगा। जब उसे लगा कि कारपेंटर बेवकूफ बना रहा है। तो वह मौका पाकर वहां से भाग गया।
कारपेंटर से हो सकती है पूछताछ
बरामद हमजा के बयानों के बाद कारपेंटर पर बंधक बनाने जैसे आरोप-प्रत्यारोप लगने शुरू हो गए हैं। जहां परिजन बंधक बनाने का आरोप लगा रहे हैं। वहीं आसपास के लोगों के मुताबिक कारपेंटर हमजा को किसी से भी नहीं मिलने देता था। जबकि आरोपी को पता था कि किशोर घर से लापता है। ऐसे में कारपेंटर की वास्तविक कहानी क्या होगी। इसके लिए रुद्रपुर पुलिस कारपेंटर से पूछताछ कर सकती है। यदि कारपेंटर ने अपने ऊपर उठ रहे सवालों का सही से जवाब नहीं दिया तो पुलिस कार्रवाई कर सकती है।
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