हिमालय प्रहरी

खूबसूरत युवतियों पर फिदा हुए 500 लोग, गवां दिए करोड़ों रुपये, जानें क्या है पूरा मामला

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गाजियाबाद से हनीट्रैप का हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक ठग ने खूबसूरत युवतियों का सहारा लेकर पांच सौ लोगों से डेढ़ करोड़ रुपये ऐंठ लिए। जिले की क्राइम ब्रांच टीम ने इस मामले का खुलासा करते हुए एक आरोपित को गिरफ्तार किया है। आरोपित गिरोह में फर्जी डीसीपी की भूमिका निभाता है और लोगों को फोन कर धमकाता था। क्राइम ब्रांच प्रभारी अब्दुर्र रहमान सिद्दीकी ने बताया कि पकड़ा गया आरोपित नूंह राजस्थान निवासी जासिम है।

अश्लील वीडियो बनाकर किया जाता था ब्लैकमेल

गिरोह में शामिल युवतियां लोगों को प्रेमजाल में फंसाकर वीडियो कालिंग के माध्यम से उनके अश्लील वीडियो बनवाती हैं। इसके बाद गिरोह के लोग पीड़ितों को विभिन्न तरीकों से ब्लैकमेल कर रकम ऐंठते हैं। जानकारी के मुताबिक, आरोपित का पूरा परिवार ठगी के धंधे में लिप्त है। यह गिरोह फेसबुक के माध्यम से लोगों को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजता है और फिर ठगी का शिकार बनाता है। आरोपित जासिम ने पूछताछ में बताया कि उसके गिरोह में शामिल सभी आठ लोग उसके खानदान के ही हैं। जो फेसबुक पर एक फर्जी आइडी बनाते हैं और फिर लोगों को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजकर दोस्ती शुरू कर देते हैं।

फेसबुक पर चैटिंग के दौरान मांगा जाता है वाट्सएप नंबर

दोस्ती में दिलचस्पी दिखाने वाले लोगों से वह मैसेंजर पर बातचीत के दौरान उनका वाट्सएप नंबर लेते हैं। इसके बाद युवतियां प्यार का नाटक कर उन्हें प्रेम जाल में फंसाती हैं। प्रेमजाल में फंसने के बाद उन्हें भरोसे में लेकर वीडियो काल के लिए राजी किया जाता है। वीडियो काल के दौरान वह दो मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हैं। एक वह जिस पर सामने वाला शख्स उनसे वीडियो काल कर रहा होता है तो दूसरे मोबाइल में वह युवती का अश्लील वीडियो चालू करते हैं। इस दौरान पीड़ित का अश्लील वीडियो और फोटो बनाकर वह ब्लैकमेल करना शुरू कर देते हैं।

पुलिस अधिकारी बनकर आरोपित बनाते थे पीड़ित पर दबाव

क्राइम ब्रांच प्रभारी अब्दुर्र रहमान सिद्दीकी ने बताया कि गिरोह में शामिल जासिम क्राइम ब्रांच का डीसीपी विक्रम राठौर या फिर डिप्टी एसपी बताकर पीड़ित को काल करता था। वह कहता था कि तुमने एक युवती से आनलाइन गलत हरकत की है। उस युवती ने पुलिस से शिकायत की है।

धमकी देता था कि तुम्हारा यह अश्लील वीडियो यूट्यूब पर वायरल होने वाला है। साथ ही उसे गिरफ्तार करने की धमकी देता था। कहता था कि अगर तुम्हें अपने मान सम्मान का बचाव करना है तो मामला सुलटा लो। इसके बाद पीड़ित डर कर आरोपितों को पैसे देता था। जो पीड़ित व्यक्ति आरोपितों की धमकियों से डर जाता था उससे वह फर्जी आईडी पर खुलवाए गए बैंक खातों, पेटीएम, फोनपे, गूगलपे आदि पर रकम ट्रांसफर करा लेते थे। पकड़ा गया आरोपित कई बार क्राइम ब्रांच का अधिकारी बनकर खुद भी रकम लेने पहुंच जाता था।

जिले के कई सफेदपोश, अधिवक्ता, पत्रकार और कारोबारी भी इस गिरोह का शिकार हो चुके हैं। अधिकांश लोगों ने लोकलाज के चलते शिकायत नहीं की तो कई पीड़ित पुलिस के पास पहुंचे। आरोपित अधेड़ और बुजुर्ग लोगों को ज्यादा टारगेट करते थे। ब्लैकमेलिंग के इस धंधे से आरोपितों ने आलीशान मकान बना रखे हैं और शाही जीवन गुजार रहे हैं।

जानिए ठगी से बचने के तरीके- 

– इस तरह की ठगी से बचने के लिए आपको अपनी फेसबुक और इंस्टाग्राम प्रोफाइल पर प्राइवेसी लगाकर रखनी चाहिए। साथ ही किसी भी अनजान महिला की फेंड रिक्वेस्ट स्वीकार नहीं करनी चाहिए।

– किसी भी महिला से दोस्ती करने से पहले उसकी प्रोफाइल और उसके फ्रेंड सर्किल को देखें।

किसी महिला से दोस्ती करने के बाद उसके व्यवहार और उसके इरादे को समझने की कोशिश करें।

– अनजान महिला से वीडियो कॉल करने से बचें।

– किसी से भी वीडियो कॉल पर बात करने के दौरान अपने पर्सनल डाटा और अंतरंग बातें करने से बचें। नहीं तो आप हनीट्रैप के शिकार हो सकते हैं।

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