टनकपुर-घाट राष्ट्रीय राजमार्ग चौथे दिन छोटे वाहनों के लिए खुल गया। भारी बारिश के कारण मलबा आने से मार्ग बंद हो गया था। स्वांला के पास सड़क के बेहद संकरी होने की वजह से बड़े वाहनों की आवाजाही नहीं हो पा रही है।
राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण खंड के सहायक अभियंता एनसी पांडेय ने बताया कि कार्यदायी संस्थाओं की ओर से लगातार मलबा हटाने का कार्य किया जा रहा है। वर्तमान में मार्ग को टनकपुर से घाट तक छोटे वाहनों के लिए खोल दिया गया है।
बारिश के कारण अदरक और गडेरी की फसल को नुकसान
बारिश के कारण धौन, स्वांला, बजौन, अमोड़ी आदि क्षेत्रों में अदरक, गडेरी, प्याज और लहसुन समेत अन्य फसलों को नुकसान पहुंचा है। प्रभावित काश्तकारों ने जिला प्रशासन से सहायता देने की मांग की है। जिला उद्यान अधिकारी टीएन पांडेय और मुख्य कृषि अधिकारी गोपाल सिंह भंडारी ने बताया कि बारिश से नुकसान का जायजा लिया जा रहा है।
ग्रामीण क्षेत्र की 50 सड़कें मलबा आने से हैं बंद
चंपावत। जिले में भारी बारिश के कारण ग्रामीण क्षेत्र की 50 सड़कें बंद हैं। जिसमें बाराकोट-भनोली, किमतोली-पंचेश्वर, बिरगुल-गोली, ज्योस्यूड़ा-निलौटी, मूलाकोट-कांडे-भुमियां, पटनगांव-कजीना-पुनौली, कामाज्यूला-भनार-रैघाड़ी, धूनाघाट-ब्रहमतोड़ा, बाराकोट-रामेश्वर, सिप्टी-अमकडिय़ा, अमोड़ी-छतकोट, एसएच 29 से खटोली तल्ली, लधौली-दुबचौड़ा, मंच-नीड़, हरम-रमैला, बलौटा-पासम, स्यांला-पोथ, धौन-बडोली, बगोटी-डुंगरालेटी, ललुवापानी-नघान, बांकू-सुल्ला-पासम, चल्थी-नौलापानी, मंच-दुबडजैनल, चमदेवल-निडिल, नरसिंहडांडा-गुरोली, बाराकोट-कोठेरा, बाराकोट-सिमलखेत आदि सड़कें शामिल हैं।
टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर जगह जगह आए मलबे के कारण आम लोगों के साथ ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के जनसंपर्क अधिकारी केएस बृजवाल को भी दिक्कतें झेलनीं पड़ीं। जनसंपर्क अधिकारी बृजवाल कई स्थानों पर मलबा आने के कारण फंसे रहे।
अपने मोबाइल पर ताज़ा अपडेट पाने के लिए -
👉 हमारे व्हाट्सएप ग्रुप को ज्वाइन करें