बिहार के दरभंगा में एक अजीबो-गरीब मामला सामने आया है। ना गलती की ना ही किसी ने केस किया। पुलिस ने सिर्फ छापेमारी की और उसी दौरान कुछ ही समय पूर्व घर में दुल्हन बनकर आई महिला को गाड़ी में बिठाकर थाने ले गई पुलिस। साथ में एक अविवाहित युवती को भी साथ ले गई। इसकी सूचना गांव में जंगल में आग की तरह फैल गई। इलाके में तेजी से चर्चा होने लगी। फिर ग्रामीणों ने एकजुट होकर पुलिस से सवाल करने लगे। आखिर कौन से जुर्म में इन दोनों को हिरासत में लिया गया है। धीरे-धीरे विवाद बढ़ता चला गया। बता दें कि जिले के मनीगाछी प्रखंड की नेहरा पुलिस की कार्रवाई के खिलाफ लोगों का आक्रोश भड़क गया। नाराज लोग थाने पहुंचे और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। लोगों के आक्रोश को देखते हुए पुलिस को थाने से हिरासत में ली गई युवती व नव विवाहित महिला को छोड़ना पड़ा। बताया गया है कि नेहरा ओपी प्रभारी ने शनिवार की रात रामनगर गांव में छापेमारी की। यहां से एक ही परिवार से एक अविवाहित लड़की एवं एक नवविवाहिता को घर से उठाकर थाने ले आए।

करीब एक घंटा चला हंगामा
दोनों को पकड़ने के समय उन्हें व उनके स्वजनों को उनके अपराध या किसी तरह के वारंट की सूचना नहीं दी गई। दोनों के पकड़े जाने की सूचना सुबह होने के साथ गांव में फैली। सूचना मिलने के साथ गांव के लोगों का आक्रोश भड़क गया। नाराज लोग सीधे ओपी में पहुंचे और हंगामा करने लगे। करीब एक घंटे तक चले हंगामे के बाद बिना किसी शर्त पर दोनों महिलाओं को ओपी अध्यक्ष सत्यनारायण पांडेय को छोड़ना पड़ा। ग्रामीणों का कहना था कि ओपी अध्यक्ष द्वारा जिन दोनों महिलाओं को पकड़कर थाना लाया गया था, उनका किसी भी केस में नाम दर्ज नहीं है। उनके स्वजनों पर मारपीट की प्राथमिकी दर्ज है, जिसमें वे लोग फरार हैं।