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पहले पैसा दो फिर विधानसभा चुनाव का टिकट मिलेगा – कांग्रेस प्रदेश महामंंत्री बालकृष्ण भट्ट

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बागेश्वर. ‘टिकट’ इस समय सभी उम्मीदवारों के लिए सबसे महत्वपूर्ण है. यही राजनीति में उनका भविष्य तय करेगा. ऐसे में जब पार्टी का कोई उम्मीदवार टिकट के लिए उम्मीद लगाए बैठा हो और फिर टिकट ना मिले तो परेशान होना लाजमी है. ऐसा ही कुछ कांग्रेस के प्रदेश महामंंत्री बालकृष्ण भट्ट के साथ हुआ है. आगामी विधानसभा चुनावों के लिए जब उनका टिकट कट गया तो वे इतने नाराज हो गए कि उन्होंने यह आरोप लगाया है कि कांग्रेस में टिकट के लिए रुपये देने पड़ते हैं.

दरअसल हाल ही कांग्रेस ने 53 प्रत्याशियों के नाम ​घोषित किए थे. इस लिस्ट में बालकृष्ण भट्ट का नाम नहीं था, इससे वे काफी आहत हुए और पार्टी से नाराज भी हो गए. 2017 में वे पार्टी के टिकट से चुनाव लड़ चुके हैं. लेकिन वह ​कम मतों के अंतर से हार गए थे. तब उन्हें 19225 वोट हासिल हुए थे और भाजपा के चंदनराम दास से वे 14567 वोटों से हार गए थे. शायद यही कारण रहा कि पार्टी ने इस बार उन पर दांव खेलना मुनासिब नहीं समझा.

ललित फर्स्वाण पर आरोप
दूसरी तरफ सोमेश्वर में कांग्रेस ने दो-दो बार हारे प्रत्याशियों को फिर से टिकट दिया है. ऐसे में बालकृष्ण का कहना है कि यह सब जानबूझकर किया गया है. उनका आरोप है कि कपकोट से कांग्रेस प्रत्याशी और पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण ने उनका टिकट कटवाया है. साथ ही उनका यह भी आरोप है कि राहुल गांधी के कार्यालय से उनसे टिकट के ऐवज में रुपये मांगे गए थे. उन्होंने बताया कि चार-पांच दिन पूर्व उन्हें दिल्ली से फोन आया था. तनिष्क सिंह ने कहा कि वह पार्टी को ढाई लाख रुपये भेज दें. उन्हें बैंक खाता नंबर दिया जाएगा, लेकिन खाता नंबर नहीं आया.

देंगे सामुहिक इस्तीफा
कांग्रेस के इस दोहरे बर्ताव से आहत भट्ट का कहना है कि उनके साथ पार्टी ने अन्याय किया है. उन्होंने कहा कि वह बागेश्वर विधानसभा से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ेंगे. इसके अलावा सोमवार को पार्टी कार्यकर्ता सामूहिक इस्तीफा भी देंगे. भट्ट का कहना था कि उन्होंने पांच साल तक धरातल पर काम किए हैं. पार्टी को मजबूत बनाया है. लोगों की समस्याओं के लिए भूख हड़ताल की. गरीब, असहाय लोगों की मदद के लिए खड़े रहे. लेकिन अब पार्टी ने उनके साथ ऐसा किया.

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