
विजयनगर में दसराहल्ली सर्किल के पास की ये घटना है. टीचर कपल रमैया और उमा देवी ने गणेश उत्सव के मौके पर घर में गणपति की प्रतिमा स्थापित की थी. उन्होंने प्रतिमा को फूलों और आभूषणों से सजाया था. उन्होंने करीब 4 लाख रुपये की, 60 ग्राम की एक सोने की चेन भी भगवान को चढ़ाई थी. बीते शनिवार की रात को वो भगवान को विसर्जित करने एक मोबाइल टैंक में पहुंचे. विसर्जित करने के बाद उन्हें ध्यान आया कि सोने की चेन उतारना तो वो भूल ही गए हैं.
बस फिर क्या था, करीब 1 घंटे बाद वो विसर्जन स्थल पर दोबारा पहुंचे. प्रतिमा का विसर्जन करने वाले कुछ युवा वहां मोबाइल टैंक के पास मौजूद थे. उन्होंने चेन को देखा था पर उस वक्त उन्हें लगा था कि वो चेन नकली है. तुरंत कपल ने मगदी रोड पुलिस स्टेशन से और गोविंदराजनगर की विधायक प्रिया कृष्णा से संपर्क किया और उनसे मदद मांगी.
बड़ी मुश्किल से मिली चेन
विधायक ने लंकेश डी, कॉन्ट्रैक्टर से बात की, जिसने वो टैंक सेट किया था. टैंक के पास मौजूद लड़के कुछ देर तक चेन खोजते रहे पर उस वक्त उन्हें वो नहीं मिली. पर परिवार को परमिशन मिल गई तो उन्होंने 10 हजार लीटर पानी को टैंक से निकाला. टैंक में बाकी की मूर्तियों की मिट्टी मिली हुई थी. उसमें चेन खोजते-खोजते अगले दिन 1 बज गए और तब जाकर उन्हें वो चेन मिल पाई, जिसे कपल को लौटा दिया गया. करीब 10 लोगों ने मिलकर उस चेन को खोजा.
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