डूंगरपुर जिले के आसपुर थानाधिकारी सवाई सिंह सोढ़ा ने बताया की डूंगरपुर जिले के गैंजी निवासी सीता रावल अपने बच्चे को लेकर साबला की ओर जा रही थी. गैंजी से डूंगरपुर शहर आने के बाद वह डूंगरपुर रोडवेज बस स्टैंड पर गई. वहां से महिला आसपुर से साबला होकर प्रतापगढ़ जा रही बस में बैठने गई, तो उसी समय पीछे से किसी एक युवक ने उसे धक्का दिया. जिस पर महिला को लगा की युवक को बस में चढ़ने की जल्दी थी और खुद के पास बच्चा होने की बात कहकर वह पहले बस में चढ़ गई. डूंगरपुर शहर से करीब 10 किमी आगे खेड़ा के पास आकर महिला ने जब अपने गले में देखा तो सोने की चैन उसके गले से गायब थी. गले में चैन नहीं देखकर आसपास के लोगो को पूछा तो किसी ने कुछ जानकारी होने से मना कर दिया.
इसके बाद महिला ने बस के ड्राइवर और कंडक्टर को चैन चोरी होने के बारे में बताया. महिला सीता की शिकायत के बाद ड्राइवर बस को बिना रोके आसपुर थाने लेकर पहुंच गया. वहीं, थाने पर पहुंचने के बाद महिला ने घटना के बारे में पुलिस को बताया. इसके बाद आसपुर थाना पुलिस ने बस में बैठी सभी सवारियो को बस नीचे उतारा और सभी यात्रियों व उनके बैग और सामान की तलाशी ली, लेकिन महिला की चोरी हुई चैन किसी भी यात्री के पास नहीं मिली. इसके बाद पुलिस ने बस को प्रतापगढ़ के लिए रवाना किया. इधर आसपुर पुलिस ने महिला सीता की रिपोर्ट पर अज्ञात के खिलाफ चैन चोरी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.