
हल्द्वानी: गत वर्ष सेवानिवृत्त होने से 6 माह पूर्व जम्मू कश्मीर के बारामुला में आतंकियों से लोहा लेते हुए शहीद हुए भारतीय सेना की 21 कुमाऊं रेजिमेंट के हवलदार गोकर्ण सिंह को मरणोपरांत सेना मेडल से सम्मानित किया जाएगा। मूल रूप से पिथौरागढ़ निवासी शहीद का परिवार वर्तमान में मोटाहल्दु की पदमपुर देवरिया में रहता है। वह दिसंबर 2020 में सेवानिवृत्त होने वाले थे।
बता दें कि गत वर्ष एक मई 2020 को पिथौरागढ़ जनपद के मुनस्यारी ब्लॉक के नापड़ गांव के मूल निवासी निवासी हवलदार गोकर्ण सिंह 41 वर्ष ने उत्तरी कश्मीर के बारामुला में से मुठभेड़ के दौरान दुश्मनों से लोहा लेते हुए अपने प्राण न्योछावर कर दिए थे। इस दौरान 21 कुमाऊं रेजीमेंट के इस जांबाज़ सैनिक ने आज अदम्य साहस का परिचय देते हुए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। उनकी इस वीरता को देखते हुए उन्हें 15 अगस्त को भारतीय सेना द्वारा मरणोपरांत सेना मेडल से सम्मानित करने की घोषणा की है। राष्ट्रपति द्वारा उनकी पत्नी गीता देवी को यह जल्द ही सेना मेडल दिया जाएगा। शहीद भगत सिंह का परिवार वर्तमान में मोटहल्दु स्थित पदमपुर देवालिया में रहता है।