उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित होने के साथ ही एक बार फिर से योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनना तय हो गया है। सीएम योगी खुद भी गोरखपुर सदर सीट से एक लाख से ज्यादा वोटों के अंतर से जीते हैं। चुनाव नतीजों के ऐलान के बीच सीएम योगी आदित्यनाथ भाजपा दफ्तर पहुंचे और कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि यूपी में अपराधियों पर कानून का बुल्डोजर पहले की तरह ही चलता रहेगा। हालांकि उत्तर प्रदेश में प्रचंड जीत मिलने के बावजूद भाजपा के कुछ दिग्गज नेताओं को हार भी मिली है। आइए जानते हैं कि कौन हैं ये नेता।
यूपी चुनाव में हारने वाले दिग्गज नेताओं में सबसे पहला नाम है केशव प्रसाद मौर्य का। केशव प्रसाद मौर्य यूपी के कौशांबी जिले की सिराथू विधानसभा सीट से चुनाव मैदान में थे, जहां उन्हें समाजवादी पार्टी की उम्मीदवार पल्लवी पटेल ने 6841 वोटों के अंतर से हराया है। केशव प्रसाद मौर्य शुरुआती राउंड में ही पल्लवी पटेल से पिछड़ गए थे और अंतिम राउंड की मतगणना में उन्हें हार मिली।
यूपी सरकार में गन्ना मंत्री सुरेश राणा भी शामली जिले की थाना भवन सीट से हार गए हैं। इस सीट पर सुरेश राणा को राष्ट्रीय लोकदल के उम्मीदवार अशरफ अली खान ने 10317 वोटों के अंतर से हराया है। सुरेश राणा को 91474 और अशरफ अली खान को 101791 वोट मिले। वहीं, 10685 वोट बहुजन समाज पार्टी के जहीर मलिक के खाते में गए
भारतीय जनता पार्टी के फायर ब्रांड नेता और अपने बयानों को लेकर अक्सर सुर्खियों में रहने वाले संगीत सोम को भी मेरठ की सरधना सीट पर हार मिली है। संगीत सोम को समाजवादी पार्टी के नेता अतुल प्रधान ने 18160 वोटों के अंतर से हराया है। सरधना सीट पर संगीत सोम को 99887 और अतुल प्रधान को 118047 वोट मिले।
कभी बहुजन समाज पार्टी के दिग्गज नेताओं में शामिल रहे और मायावती सरकार में मंत्री रह चुके रामवीर उपाध्याय यूपी विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर हाथरस जिले की सादाबाद सीट से चुनाव लड़े थे। सादाबाद में रामवीर उपाध्याय को राष्ट्रीय लोकदल के प्रदीप कुमार सिंह ने 6304 वोटों के अंतर से हराया है। रामवीर उपाध्याय को 97735, जबकि प्रदीप कुमार सिंह को 104039 वोट मिले।
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