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लक्ष्मीपुर माइनर पर फिर दौड़ेगा विकास का पहिया महापौर दीपक बाली ने मौके पर पहुंचकर खंगाली अड़चनें

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बिजली के पोल-ट्रांसफार्मर समेत तकनीकी बाधाएं दूर करने पर बनी सहमति, माइनर कवर होने के बाद यातायात व्यवस्था विकसित करने की तैयारी

 

राजू अनेजा, काशीपुर।बरसात के चलते सुस्त पड़ा लक्ष्मीपुर माइनर का निर्माण अब फिर रफ्तार पकड़ने की तैयारी में है। मंगलवार सुबह महापौर दीपक बाली ने अधिकारियों और इंजीनियरों की पूरी टीम के साथ मौके पर पहुंचकर परियोजना का स्थलीय निरीक्षण किया। करीब आधा काम पूरा होने के बाद शेष हिस्से में आ रही बाधाओं को लेकर उन्होंने सिंचाई विभाग, यूपीसीएल, नगर निगम और निर्माण संस्था के अधिकारियों के साथ मौके पर ही समाधान का रास्ता निकाला।

मौके पर अफसरों की ‘क्लास’, हर अड़चन का समाधान तलाशने के निर्देश

 

महापौर ने निर्माण कार्य की प्रगति का जायजा लेते हुए बिजली के पोल, ट्रांसफार्मर और अन्य तकनीकी व स्थानीय अड़चनों की जानकारी ली। संबंधित विभागों के अधिकारियों और निर्माण संस्था के इंजीनियरों की मौजूदगी में इन समस्याओं के समाधान पर सहमति बनी।

महापौर ने कहा कि अब उम्मीद है कि कल या परसों से लक्ष्मीपुर माइनर के बचे हुए हिस्से में निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि काम के दौरान जहां भी बाधा आएगी, संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर उसका समाधान कराया जाएगा।

नहर ढकेगी तो शहर को मिलेगा नया रास्ता!

 

लक्ष्मीपुर माइनर को कवर किए जाने के बाद इसके ऊपर यातायात व्यवस्था विकसित किए जाने की संभावना को महापौर ने शहर के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि परियोजना पूरी होने के बाद क्षेत्र की तस्वीर बदलने के साथ ही आम जनता को आवागमन की बेहतर सुविधा मिलने की उम्मीद है।

उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर वह स्वयं भी मौके पर पहुंचकर निर्माण की प्रगति और सामने आ रही समस्याओं का जायजा लेते रहेंगे।

स्थायी मकानों पर नहीं चलेगा हथौड़ा, अस्थायी अतिक्रमण हटाने की अपील

 

नहर के ऊपर बने मकानों और अस्थायी निर्माण को लेकर महापौर ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि किसी के स्थायी निर्माण को नुकसान पहुंचाना उद्देश्य नहीं है।

उन्होंने बताया कि कई स्थानों पर लोगों ने जाल, लोहे की सीढ़ी और अन्य सामान लगाकर नहर को अस्थायी रूप से ढका हुआ है। ऐसे लोगों से स्वयं इन्हें हटाने का अनुरोध किया गया है। उन्होंने कहा कि निर्माण में बाधा बनने वाले अस्थायी अतिक्रमण हटाए जाएंगे, लेकिन किसी के स्थायी निर्माण को तोड़ने की कार्रवाई नहीं की जाएगी।

महापौर ने कहा कि पूरी प्रक्रिया में न्यायालय के दिशा-निर्देशों का पालन किया जाएगा और प्रयास रहेगा कि किसी व्यक्ति को अनावश्यक नुकसान न हो।

ढेला नदी में गंदा पानी जाने पर भी महापौर ने दिया जवाब

 

लक्ष्मीपुर माइनर में गंदगी और इसके ढेला नदी से जुड़ने को लेकर महापौर ने कहा कि नगर निगम क्षेत्र में गंदे पानी को सीधे नदी में जाने से रोकने के लिए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की व्यवस्था की गई है। उनके अनुसार शहर में 35 एमएलडी क्षमता के चार एसटीपी संचालित हैं और गंदा पानी एसटीपी से होकर आगे जा रहा है।

उन्होंने कहा कि वह स्वयं और नगर आयुक्त समय-समय पर एसटीपी का निरीक्षण करते हैं। माइनर में जमा गंदगी की सफाई और उसके प्रबंधन को लेकर भी काम किया जा रहा है।

‘काम आपका है, सहयोग हमारा’—स्थानीय लोगों से सहयोग की अपील

 

महापौर ने आसपास रहने वाले लोगों से निर्माण कार्य में सहयोग और धैर्य बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि आबादी वाले क्षेत्र में निर्माण के दौरान कुछ असुविधाएं होना स्वाभाविक है, लेकिन परियोजना पूरी होने के बाद इसका लाभ लंबे समय तक शहर और स्थानीय लोगों को मिलेगा।

उन्होंने बताया कि निरीक्षण के दौरान स्थानीय लोगों और पार्षदों ने भी परियोजना को जल्द पूरा कराने में पूर्ण सहयोग का भरोसा दिया।

महापौर ने कहा कि लक्ष्मीपुर माइनर शहर के लिए महत्वपूर्ण विकास परियोजना है और इसे जल्द पूरा कराने के लिए संबंधित सभी विभागों के साथ लगातार समन्वय किया जा रहा है।

इस दौरान नगर आयुक्त रविंद्र बिष्ट, शशांक गहतोड़ी, एक्सईएन सिंचाई एके गुप्ता, एक्सईएन यूपीसीएल अजित कुमार, पूर्व चेयरमैन शमसुद्दीन, एसडीओ यूपीसीएल महक मिश्रा, एई सिंचाई केशव सिंह, जेई राजू, पार्षद अब्दुल कादिर, जिला प्रकोष्ठ संयोजक मुकेश चावला, नामित पार्षद दुर्गेश गुप्ता, सुमित प्रजापति, एडवोकेट अशरफ सैफी, पिंटू सैनी समेत अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।

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