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लव मैरिज के बाद जीजा को लगा मार डालेगा साला, शक के चलते उठाया ये खौफनाक कदम

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जबलपुर पुलिस ने करीब 2 साल पहले हुए ब्लाइंड मर्डर का खुलासा किया है. इस मामले में पुलिस ने मृतक के जीजा को गिरफ्तार किया है. उसने पारिवारिक रंजिश और शक के चलते साले को मौत के घाट उतार दिया था. यह हत्या साल 2020 की 9 अक्टूबर को हुई थी. उस वक्त पुलिस को बरगी थाना क्षेत्र के मंगेली में ढाबे के पास एक अज्ञात युवक की लाश मिली थी. उसके सिर पर गहरी चोट का निशान था. पुलिस ने मृतक की शिनाख्तगी का प्रयास किया था, लेकिन उस वक्त पहचान नहीं हो सकी थी. इस मामले में पुलिस को यह स्पष्ट था कि मृतक की हत्या की गई है.

गौरतलब है कि पुलिस ने इस केस को दर्ज तो कर लिया, लेकिन युवक की शिनाख्त के लिए उसे जबरदस्त पसीना बहाना पड़ा. जब मामला सुलझता नहीं दिखा तो एसपी सिद्धार्थ बहुगुणा ने हत्या करने वाले पर 10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था. पुलिस ने बताया कि हत्या के बाद मृतक की शिनाख्त के लिए जबलपुर सहित मंडला, डिंडोरी, कटनी सागर सहित अन्य जिलों में भी प्रयास किए गए. इसके अलावा फिंगर प्रिंट से भी मृतक की पहचान करने की कोशिश की गई. लेकिन, कहीं कुछ बड़ी सफलता हाथ नहीं लगी.

इस सॉफ्टवेयर ने की मदद
जबलपुर एसपी सिद्धार्थ बहुगुणा ने बताया कि जब कहीं से कोई सफलता नहीं मिली तो फिर नेशनल ऑटोमेटेड फिंगरप्रिंट आइडेंटिफिकेशन सिस्टम (NAFIS) ने मदद दी. इस सॉफ्टवेयर में दो साल और उससे ज्यादा की सजा पाए आरोपियों के अंगुलियों के निशान रखे जाते हैं. ये फिंगरप्रिंट डिंडौरी जिले भी भेजे गए थे. डिंडौरी में इस फिंगरप्रिंट का कोतवाली थाने के एक आरोपी के फिंगरप्रिंट से मिलान हो गया. तब पता चला कि मृतक का नाम देवेंद्र मंदे है. पुलिस के रिकॉर्ड में उसके नाम पर आर्म्स एक्ट सहित कई केस दर्ज हैं.

जीजा को था ये डर
जबलपुर एसपी सिद्धार्थ बहुगुणा ने बताया कि दो साल पहले देवेंद्र मंदे की बहन सरस्वती ने सिवनी जिला निवासी बाल सिंह मरावी के साथ प्रेम विवाह कर लिया था. इसके बाद से देवेंद्र अपनी बहन और बहनोई बाल सिंह से नाराज रहता था. बाल सिंह को डर था कि देवेंद्र कभी भी उसकी हत्या कर सकता है. इसलिए उसने खुद देवेंद्र की हत्या करने की योजना बना ली. देवेंद्र जब जबलपुर आया तो बाल सिंह ने उसे शराब पार्टी दी. दोनों ऑटो से तिलवारा पहुंच गए.

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