मंडी जिला के कोटली के साइगलू क्षेत्र में करोड़पति बनाने के झांसे में आकर एक व्यक्ति ने साढ़े नौ लाख रुपये गंवा दिए। उसने फर्जी कंपनी के बैंक खाते में एक बार नहीं बल्कि तीन बार पैसे ट्रांसफर कर दिए। यही नहीं वह चौथी बार आठ लाख रुपये और ट्रांसफर करवाने गया तो बैंक कर्मचारियों को कुछ गड़बड़ लगी। ऐसे में उन्होंने उसके पैसे उक्त कंपनी के खाते में ट्रांसफर करने से मना कर दिया। यदि कर्मचारी ऐसा नहीं करते तो खाते में शेष बचे करीब आठ लाख रुपये से भी पीडि़त व्यक्ति हाथ धो बैठता। बाद में ठगी का पता चलने पर पीडि़त ने कोटली पुलिस के पास शिकायत लिखवाकर उसके पैसे लौटाने का आग्रह किया है।
बताया जा रहा है कि राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण के लिए जमीन अधिग्रहण होने के बाद साइगलू क्षेत्र के उक्त व्यक्ति ने अपने खाते में करीब बीस लाख रुपये जमा करवाए थे। सरकारी विभाग से सेवानिवृत्त व्यक्ति के मोबाइल फोन पर किसी की काल आई। फोन करने वाले ने बताया कि वह राजनीति से जुड़ा हुआ है। शातिर ने अपना नाम सीता राम बताते हुए उसे करोड़पति बनाने का सपना दिखाया। उसने कंपनी का बैंक खाता नंबर भेजकर उसमें पैसे ट्रांसफर करने को कहा। पीडि़त व्यक्ति ने 22 अप्रैल को बैंक शाखा में पहुंचकर उक्त खाते में पहले 30 हजार रुपये की राशि भेजी। 28 अप्रैल को फिर बैंक में पहुंचकर दो लाख रुपये अपने खाते से निकाल कर शातिर के बताए खाते में डाल दिए।
इसके बाद दो मई को सात लाख रुपये और भेज दिए। जब वह चौथी बार बैंक में आठ लाख रुपये ट्रांसफर करने पहुंचा तब बैंक कर्मचारियों को शक हुआ। कर्मचारियों ने उसे बताया कि वह गलत लोगों के झांसे में आ गया है। इसलिए खाते में बची शेष राशि को न निकाले। काफी देर समझाने के बाद उसे अहसास हुआ कि वह ठगी का शिकार हो चुका है। उसके बाद उसने पुलिस चौकी कोटली में शिकायत देकर शातिर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर उसके पैसे लौटाने की गुहार लगाई।
साइगलू इलाके के एक व्यक्ति ने उसके साथ ठगी होने की शिकायत पुलिस चौकी कोटली में दर्ज करवाई है। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। किसी भी तरह की फ्राड काल आने पर लोग अपने बैंक खाते की कोई जानकारी सांझा न करें। किसी के बहकावे में आकर अपनी जमापूंजी को भी अनजान व्यक्ति के बैंक खाते में ट्रांसफर न करें।
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