देहरादून (28 मार्च 2026): जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल वार्मिंग जैसी गंभीर चुनौतियों से निपटने के लिए आज दुनिया भर में #EarthHour2026 मनाया जा रहा है। देवभूमि उत्तराखंड, जो अपनी प्राकृतिक संपदा और ‘ऊर्जा प्रदेश’ की पहचान के लिए जाना जाता है, इस अभियान में बढ़-चढ़कर भागीदारी कर रहा है।
1. समय और कार्यक्रम: 60 मिनट पृथ्वी के नाम
-
तारीख: शनिवार, 28 मार्च 2026
-
समय: रात 8:30 बजे से रात 9:30 बजे तक।
-
क्या करें: इस एक घंटे के दौरान अपने घर, दुकान, ऑफिस और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की सभी गैर-जरूरी लाइटें और बिजली के उपकरण बंद रखें।
2. ‘ऊर्जा प्रदेश’ की बड़ी पहल
उत्तराखंड में टिहरी डैम (THDC) जैसी बड़ी जलविद्युत परियोजनाएं हैं। ‘ऊर्जा प्रदेश’ होने के नाते यहाँ बिजली की बचत का संदेश और भी महत्वपूर्ण हो जाता है। शासन ने स्पष्ट किया है कि:
-
सरकारी कार्यालय: सभी सरकारी भवनों में अनिवार्य रूप से लाइटें बंद रहेंगी।
-
संस्थान व बाजार: व्यापारिक मंडलों और निजी संस्थानों से भी इस मुहिम में जुड़ने का आग्रह किया गया है।
-
अपील: सीएम धामी ने कहा कि प्रकृति का संरक्षण हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है और एक छोटा सा कदम बड़े बदलाव की नींव रख सकता है।
3. अर्थ आवर का उद्देश्य: क्यों जरूरी है यह एक घंटा?
-
ऊर्जा संरक्षण: एक घंटे के लिए बिजली बंद करने से जीवाश्म ईंधन (Fossil Fuel) की खपत कम होती है और कार्बन उत्सर्जन में कमी आती है।
-
जागरूकता: यह अभियान ग्लोबल वार्मिंग और प्रकृति के प्रति हमारी जिम्मेदारी को याद दिलाता है।
-
एकजुटता: यह दुनिया का सबसे बड़ा जन-आंदोलन है, जो करोड़ों लोगों को पर्यावरण के एक साझा उद्देश्य के लिए एकजुट करता है।
Snapshot: अर्थ आवर डे 2026
| विवरण | जानकारी |
| अवसर | अर्थ आवर की 20वीं वर्षगांठ |
| निर्धारित समय | रात 08:30 PM से 09:30 PM |
| मुख्य संदेश | “पृथ्वी हमारा घर है, इसे बचाना है” |
| भागीदारी | सरकारी संस्थान, निजी प्रतिष्ठान और आम नागरिक |
| प्रभाव | करोड़ों यूनिट बिजली की बचत और कार्बन फुटप्रिंट में कमी |
अपने मोबाइल पर ताज़ा अपडेट पाने के लिए -
👉 हमारे व्हाट्सएप ग्रुप को ज्वाइन करें
