पौड़ी (लैंसडाउन): गढ़वाल राइफल्स मुख्यालय, लैंसडाउन स्थित नायक भवानी दत्त जोशी वीर चक्र परेड ग्राउंड में शनिवार को देशभक्ति और अनुशासन का अद्भुत संगम देखने को मिला। 31 सप्ताह के कठिन सैन्य प्रशिक्षण के बाद कुल 464 जाँबाज अग्निवीर रिक्रूट्स भारतीय सेना की गढ़वाल राइफल्स में विधिवत रूप से शामिल हुए। इनमें गढ़वाल राइफल्स के साथ-साथ प्रादेशिक सेना के अग्निवीर जवान भी शामिल रहे।
🎖️ भव्य पासिंग आउट परेड
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समीक्षा अधिकारी: ब्रिगेडियर विनोद सिंह नेगी (विशिष्ट सेवा मेडल), कमांडेंट गढ़वाल राइफल्स रेजिमेंटल सेंटर।
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शपथ ग्रहण: ब्रिगेडियर विनोद सिंह नेगी ने कोर्स 6 के प्रथम बैच के इन 464 अग्निवीरों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई।
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शपथ की गरिमा: रेजिमेंट में पहली बार पंडित, मौलवी और पादरी सभी के द्वारा पवित्र धर्मग्रंथ लाए गए। अग्निवीरों ने अपने-अपने धर्मग्रंथों पर हाथ रखकर शपथ ली।
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प्रदर्शन: अग्निवीरों ने शानदार ड्रिल, प्रभावशाली मार्चपास्ट और युद्धक कौशल का प्रदर्शन किया, जिससे पूरा मैदान तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
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संदेश: ब्रिगेडियर ने नए अग्निवीरों को राष्ट्र सुरक्षा के लिए सदैव तत्पर और अनुशासित रहने का संदेश देते हुए कहा कि गढ़वाल राइफल्स त्याग, वीरता और अनुशासन की प्रतीक है।
👨👩👧👦 लोक संस्कृति और गौरव
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पारंपरिक परिधान: उत्तरकाशी, टिहरी और जौनसार-बावर से पहुँचे कई परिजन अपने पारंपरिक परिधानों में नजर आए, जिससे परेड ग्राउंड में लोक संस्कृति की छटा बिखरी दिखाई दी।
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गौरव पदक: अग्निवीरों के माता-पिता और अभिभावकों को “गौरव पदक” प्रदान कर सम्मानित किया गया। सम्मान ग्रहण करते समय उनके चेहरे पर गर्व और खुशी स्पष्ट दिखाई दे रही थी।
31 सप्ताह के कठोर प्रशिक्षण के बाद इन 464 अग्निवीरों ने अब राष्ट्र सुरक्षा के दायित्व को पूरी क्षमता से निभाने का सामर्थ्य हासिल कर लिया है।
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