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उत्तराखंड: 16 शहरों में ₹1600 करोड़ की वर्ल्ड बैंक योजना से 6 लाख आबादी को मिलेगा 24 घंटे पानी

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उत्तराखंड के तेजी से विकसित हो रहे 16 शहरों में पेयजल आपूर्ति को मजबूत करने के लिए विश्व बैंक की 1600 करोड़ रुपये की महत्वकांक्षी योजना लागू की जाएगी। केंद्र सरकार ने इस योजना को प्रभावी बनाने के लिए सख्त मानक लागू किए हैं, जिसके तहत परियोजना की मंजूरी से पहले जल निगम को टेंडर प्रक्रिया पूरी करनी होगी।

📊 योजना का लक्ष्य और प्रक्रिया

  • कुल बजट: ₹1600 करोड़।

  • लाभार्थी आबादी: करीब छह लाख घरों की आबादी को 24 घंटे पानी उपलब्ध कराने का लक्ष्य।

  • लक्ष्य: 16 शहरों में पेयजल का मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर खड़ा करना।

नई प्रक्रिया (केंद्र सरकार के सख्त मानक):

  1. शहरों का चिह्नीकरण: इसी महीने वर्ल्ड बैंक की टीम के साथ मिलकर 28 शहरों में से 16 शहरों की योजनाओं को फाइनल किया जाएगा।

  2. टेंडर प्रक्रिया: कुल बजट का 30% टेंडर जल निगम को पहले कराना होगा।

  3. केंद्र की मंजूरी: टेंडर कराने के बाद ही पूरा प्रोजेक्ट केंद्र सरकार को भेजकर मंजूर कराया जाएगा।

⏳ काम में तेजी लाने के लिए समय सीमा

केंद्र सरकार की नई व्यवस्था से पेयजल योजनाओं के काम में तेजी आने की उम्मीद है। जल निगम के लिए निम्न समय सीमा निर्धारित की गई है:

  • टेंडर: परियोजना के लिए तीन महीने के भीतर टेंडर कराने होंगे।

  • काम शुरू: छह महीने के भीतर प्रस्तावित काम शुरू करना होगा।

🏙️ जिन शहरों में होना है काम

इस परियोजना के तहत उत्तराखंड के विभिन्न जिलों के इन शहरों में पेयजल इंफ्रास्ट्रक्चर खड़ा किया जाएगा:

जिला शहर/स्थान
देहरादून सेलाकुईं, चकराता
हरिद्वार रामपुर, पाडली गुज्जर, इमलीखेड़ा
रुद्रप्रयाग उखीमठ, अगस्त्यमुनी, तिलवाड़ा
टिहरी कैम्प्टी
उत्तरकाशी पुरोला, बड़कोट, नौगांव, चिन्यालीसौड़
चमोली गैरसैंण, नंदप्रयाग, गोपेश्वर
यूएसनगर सुल्तानपुर पट्टी, दिनेशपुर, गुलरभोज, नगला, केलाखेड़ा, लालपुर, महुवाडाबरा
नैनीताल भीमताल, भवाली, कालाढूंगी
अन्य बागेश्वर

जल निगम के एमडी रणवीर सिंह चौहान ने बताया कि जल्द टेंडर प्रक्रिया पूरी कर प्रोजेक्ट मंजूरी के लिए केंद्र सरकार को भेजा जाएगा।

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