
राजू अनेजा,हल्द्वानी। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट सितारों के नाम पर टी-20 क्रिकेट लीग का सपना दिखाकर लाखों रुपये की ठगी करने के आरोपों में ईवीसीएल (EVCL) के आयोजक विकास ढाका को पुलिस ने दबोच लिया। गुरुवार सुबह वह शहर के एक प्रतिष्ठित होटल से चेक-आउट कर फरार होने की कोशिश में था, तभी पुलिस टीम ने उसे पकड़ लिया।
क्रिकेट लीग की टीम खरीदने के नाम पर सितारगंज के पूर्व विधायक नारायण पाल से पांच लाख रुपये की ठगी किए जाने का मामला सामने आया है। इसके अलावा हरियाणा निवासी यूपी वॉरियर्स टीम ओनर हेमंत शर्मा से भी 23 लाख रुपये की फ्रेंचाइजी के नाम पर ठगी का आरोप है।
दोनों पीड़ित गुरुवार को एसएसपी मंजुनाथ टीसी से मिले और आयोजक विकास ढाका के खिलाफ ठगी की तहरीर सौंपी।
गौरतलब है कि हल्द्वानी के गौलापार स्थित अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में करीब दस साल बाद टी-20 क्रिकेट लीग का आयोजन प्रस्तावित था। ईवीसीएल कंपनी ने शहर भर में होर्डिंग-बैनर लगाकर बड़े पैमाने पर प्रचार किया। स्टेडियम में काली मिट्टी से क्रिकेट पिच भी तैयार कराई गई।
पहले लीग जनवरी में होनी थी, जिसे बाद में स्थगित कर तीन फरवरी घोषित किया गया। टिकट बिक्री बेहद कम रहने के बाद आयोजक ने अपने कंपनी पार्टनर की मौत का हवाला देकर लीग स्थगित कर दी। इसके बाद स्टेडियम से ही अनाउंस किया गया कि पांच फरवरी को लीग होगी, फिर मीडिया के सवालों पर 15 दिन बाद आयोजन कराने का दावा किया गया।
इसी बीच गुरुवार सुबह आयोजक विकास ढाका होटल से चेक-आउट कर शहर छोड़ने की फिराक में था, लेकिन पुलिस ने उसे धर दबोचा।
एसएसपी कार्यालय पहुंचे पूर्व विधायक नारायण पाल ने बताया कि उन्होंने उत्तराखंड सोल्जर टीम पांच लाख रुपये में खरीदी थी। आयोजक ने दावा किया था कि टीम में पूर्व भारतीय क्रिकेटर इरफान पठान खेलेंगे।
वहीं यूपी वॉरियर्स टीम ओनर हेमंत शर्मा ने आरोप लगाया कि उनसे 23 लाख रुपये फ्रेंचाइजी के नाम पर लिए गए, लेकिन कोई लिखित एग्रीमेंट नहीं दिया गया। उन्होंने बताया कि क्रिकेट लीग के लिए भारत के पांच शहरों में खिलाड़ियों के ट्रायल कराए गए और बोली लगाकर खिलाड़ियों को हजारों रुपये में खरीदा गया।
जब दोनों को ठगी का एहसास हुआ तो उन्होंने आयोजक के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
एसएसपी मंजुनाथ टीसी ने बताया कि पूर्व विधायक नारायण पाल समेत अन्य पीड़ितों की तहरीर के आधार पर आयोजक विकास ढाका के खिलाफ धोखाधड़ी की प्राथमिकी दर्ज की जाएगी, और मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है।