पिथौरागढ़/धारचूला। भारत-नेपाल सीमा से सटे उत्तराखंड के सीमांत पिथौरागढ़ जिले में एक बड़ा हादसा होने से टल गया। व्यास घाटी स्थित गर्त्यांग में 11वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (SSB) के कैंप की एक बैरक में अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि पूरी बैरक धधक उठी और परिसर में अफरा-तफरी मच गई। गनीमत यह रही कि बैरक में मौजूद 60 जवानों ने समय रहते मुस्तैदी दिखाते हुए बाहर भागकर अपनी जान बचा ली। हादसे में किसी भी जवान को चोट नहीं आई है और सभी जवान पूरी तरह सुरक्षित हैं।
माइनस में पहुंचा पारा; ठंड से बचने के लिए जलाई बुखारी फटने से हुआ हादसा
मिली जानकारी के अनुसार, धारचूला की उच्च हिमालयी व्यास घाटी में करीब एक सप्ताह पूर्व हुई बर्फबारी के बाद क्षेत्र में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। रात के समय तापमान शून्य से नीचे (माइनस में) चला जाता है। गुरुवार (1 अक्टूबर 2026) की रात करीब 8:00 बजे ठंड से बचाव के लिए जवानों ने बैरक के भीतर डीजल से चलने वाला हीटर (बुखारी) जलाया था। इसी दौरान बुखारी में अचानक तेज धमाका हुआ और वह फट गई। बुखारी के फटते ही पूरी बैरक में आग की ऊंची-ऊंची लपटें उठने लगीं, जिससे सीमावर्ती क्षेत्र में हड़कंप मच गया।
ITBP और स्थानीय ग्रामीणों ने मिलकर बुझाई आग; टला बड़ा हादसा
आग की भीषण लपटें देखकर पास ही स्थित भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के जवान और स्थानीय ग्रामीण तुरंत मदद के लिए मौके पर दौड़े। एसएसबी, आईटीबीपी के जवानों और ग्रामीणों ने सामूहिक प्रयासों से कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया और उसे अन्य बैरकों तक फैलने से रोक लिया। अग्निकांड में जवानों का राशन, बिस्तर, कपड़े और अन्य दैनिक सामान जलकर पूरी तरह राख हो गया।
धारचूला SDM ने की पुष्टि; नुकसान का किया जा रहा आकलन
धारचूला के उपजिलाधिकारी (SDM) आशीष जोशी ने 11वीं वाहिनी एसएसबी डीडीहाट के कमांडेंट के हवाले से घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि बुखारी फटने के कारण आग लगी थी। उन्होंने राहत जताते हुए कहा कि हादसे में सभी 60 जवान सुरक्षित हैं और किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है। फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और प्रशासन व सेना के अधिकारियों द्वारा अग्निकांड से हुए नुकसान का विस्तृत आकलन किया जा रहा है।