हिमालय प्रहरी

तोता घाटी में पहाड़ से गिरे पत्थर ने ली ट्रक चालक की जान, चारधाम यात्रा से पहले सुरक्षा पर उठे सवाल

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पौड़ी/देवप्रयाग: ऋषिकेश–बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-58) पर सोमवार तड़के एक भीषण हादसा हो गया। तोता घाटी क्षेत्र में पहाड़ी से गिरे एक भारी-भरकम पत्थर की चपेट में आने से ट्रक चालक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस और रेस्क्यू टीम ने घंटों की मशक्कत के बाद चालक के शव को क्षतिग्रस्त ट्रक से बाहर निकाला।

हादसे का विवरण

जानकारी के अनुसार, एक ट्रक ऋषिकेश से श्रीनगर की ओर जा रहा था। सोमवार तड़के जब वाहन तोता घाटी के पास पहुँचा, तभी अचानक पहाड़ी से एक विशाल पत्थर सीधे ट्रक के केबिन पर आ गिरा। पत्थर इतना भारी था कि ट्रक का अगला हिस्सा बुरी तरह पिचक गया और चालक को बचने का कोई मौका नहीं मिला।

  • मृतक की पहचान: मृतक चालक की उम्र लगभग 55 वर्ष थी और वे मूल रूप से कर्णप्रयाग (चमोली) के निवासी थे।

  • पुलिस कार्रवाई: देवप्रयाग थाना एसओ प्रशांत बहुगुणा ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और परिजनों को सूचना दे दी गई है।

खतरे की जद में ‘तोता घाटी’

तोता घाटी क्षेत्र हमेशा से भूस्खलन और ‘शूटिंग स्टोंस’ (पहाड़ से गिरते पत्थर) के लिए बदनाम रहा है। वर्तमान में यहाँ सड़क चौड़ीकरण और पहाड़ी कटिंग का कार्य चल रहा है, जिससे ढलानें और अधिक संवेदनशील हो गई हैं। स्थानीय लोग लंबे समय से यहाँ सेफ्टी नेट (सुरक्षा जाल) और स्थायी सुरक्षा उपायों की मांग कर रहे हैं, लेकिन अभी तक ठोस समाधान नहीं हो पाया है।

आगामी चारधाम यात्रा के लिए बड़ी चुनौती

उत्तराखंड की प्रसिद्ध चारधाम यात्रा शुरू होने में अब कुछ ही समय शेष है। बदरीनाथ और केदारनाथ धाम जाने वाले हजारों श्रद्धालु प्रतिदिन इसी मार्ग से गुजरते हैं।

  • अधूरा निर्माण: सड़क चौड़ीकरण और पहाड़ी ट्रीटमेंट का कार्य अभी भी जारी है।

  • प्रशासनिक चिंता: यदि यात्रा शुरू होने से पहले संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा जाल और मलबे की सफाई का काम पूरा नहीं हुआ, तो यात्रियों के लिए यह सफर जोखिम भरा हो सकता है।


प्रमुख बिंदु (At a Glance)

विवरण जानकारी
घटना स्थल तोता घाटी (ऋषिकेश-बदरीनाथ मार्ग)
मृतक 55 वर्षीय चालक (निवासी: कर्णप्रयाग)
कारण पहाड़ी से अचानक भारी पत्थर गिरना
अधिकारी का बयान प्रशांत बहुगुणा, एसओ देवप्रयाग

प्रशासनिक अपील: इस घटना के बाद विशेषज्ञों का मानना है कि यात्रा सीजन के दौरान ट्रैफिक प्रबंधन की ठोस योजना और ‘ब्लैक स्पॉट्स’ पर विशेष निगरानी की सख्त जरूरत है।

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