राजू अनेजा,काशीपुर। काशीपुर के आईटीआई थाना क्षेत्र से जुड़े वर्ष 2022 के एक POCSO मामले में आरोपी राशिद पुत्र याकूब शाह उर्फ सुंदर को अदालत ने दोषमुक्त कर दिया। आरोपी की ओर से अधिवक्ता संजीव कुमार आकाश, भूपेंद्र चौहान और सिंधु आकाश ने प्रभावी पैरवी करते हुए बचाव पक्ष में साक्ष्य और तर्क प्रस्तुत किए।
मामले के अनुसार पीड़िता के पिता ने 25 जनवरी 2022 को आईटीआई थाने में एफआईआर संख्या 62/2022 दर्ज कराई थी। इसमें आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धारा 363, 366, 376(2) तथा POCSO अधिनियम की धारा 5/6 के तहत आरोप लगाए गए थे। शिकायत में आरोप था कि आरोपी पीड़िता को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया और उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया। उस समय पीड़िता की उम्र 17 वर्ष बताई गई थी।
पुलिस ने विवेचना पूरी करने के बाद आरोपी के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया, जिस पर 4 अप्रैल 2022 को संज्ञान लिया गया और मामले की सुनवाई आगे बढ़ी। मामला विशेष सत्र विचारण संख्या 155/2022 के रूप में अदालत में चला।
04 अगस्त 2026 को हुई अंतिम बहस में बचाव पक्ष ने रखे साक्ष्य और तर्क
मामले में 4 अगस्त 2026 को पक्षकारों की अंतिम बहस सुनी गई। आरोपी की ओर से अधिवक्ताओं ने अदालत के समक्ष प्रभावी ढंग से बचाव पक्ष रखा और साक्ष्य व तर्क प्रस्तुत किए। इसके बाद अदालत ने उपलब्ध संपूर्ण साक्ष्य का मूल्यांकन किया।
अदालत ने साक्ष्यों के मूल्यांकन के बाद पाया कि अभियोजन आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों को युक्तियुक्त संदेह से परे साबित करने में सफल नहीं रहा। इसी आधार पर 12 अगस्त 2026 को अदालत ने आरोपी राशिद को आईपीसी की धारा 363, 366, 376 तथा POCSO अधिनियम की धारा 5/6 के आरोपों से दोषमुक्त कर दिया।
अदालत के इस फैसले के बाद करीब चार साल पुराने मामले में आरोपी को बड़ी राहत मिली है।
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