
देहरादून, 18 जून 2026: दोस्ती और आपसी भरोसे का नाजायज फायदा उठाकर एक कंपनी के निदेशक की कीमती बीएमडब्ल्यू (BMW) कार हड़पने और उससे नियमों की धज्जियां उड़ाने का एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। एक परिचित व्यक्ति निजी काम का बहाना बनाकर निदेशक से कार मांगकर ले गया और दो साल बीत जाने के बाद भी उसे वापस नहीं किया। हद तो तब हो गई जब इस दौरान वाहन से ओवरस्पीडिंग और खतरनाक ड्राइविंग के १९ ट्रैफिक चालान कट गए, जिनका भुगतान तक नहीं किया गया। अब पीड़ित निदेशक ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) देहरादून से मिलकर वाहन बरामदगी और आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
सर्विसिंग के बहाने मांगी थी कार; बाद में जताने लगा खरीदने की इच्छा
पुलिस को दी गई विधिक शिकायत के अनुसार, यह पूरा मामला ‘अभय विजन कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड’ कंपनी से जुड़ा है। कंपनी के निदेशक पंकज सिरोही ने एसएसपी को सौंपी अपनी तहरीर में बताया:
-
जनवरी 2024 की घटना: जनवरी २०२४ में कंपनी के नाम पर पंजीकृत बीएमडब्ल्यू कार को सर्विसिंग के लिए भेजा जा रहा था।
-
भरोसे का फायदा: इसी दौरान क्लेमेनटाउन निवासी उनके एक परिचित संदीप कुमार ने कुछ दिनों के लिए अपने निजी विधिक व व्यावहारिक कार्य का हवाला देकर कार मांग ली। पुराने संबंधों और प्रगाढ़ भरोसे के चलते पंकज सिरोही ने कार की चाबी उसे सौंप दी।
-
वापसी से इनकार: कुछ समय बाद आरोपी संदीप ने कार को स्वयं खरीदने की इच्छा भी जताई, लेकिन विधिक रूप से न तो उसने कार की कीमत चुकाई और न ही कार वापस की। वह पिछले दो वर्षों से लगातार कंपनी की गाड़ी का अवैध रूप से इस्तेमाल कर सड़क पर फर्राटा भर रहा है।
ऑनलाइन रिकॉर्ड खंगालने पर हुआ ₹70,000 के चालान का राजफाश
निदेशक पंकज सिरोही को इस धोखाधड़ी की भनक तब लगी, जब कंपनी के विधिक अनुभाग ने हाल ही में परिवहन विभाग के ऑनलाइन वाहन रिकॉर्ड (mParivahan) की जांच की। ऑनलाइन डेटा खंगालने पर परिजनों और कंपनी के होश उड़ गए:
“जांच में पता चला कि इस लग्जरी कार से पिछले दो सालों में ओवरस्पीडिंग (तेज रफ्तार) और खतरनाक ड्राइविंग के कुल १९ विधिक चालान किए जा चुके हैं। इन सभी चालानों का भुगतान अब तक लंबित है, जिसके कारण जुर्माने की कुल बकाया राशि करीब ७० हजार रुपये तक पहुंच चुकी है।”
बीमा भी समाप्त; किसी भी अपराध या हादसे में फंसेगी कंपनी
पीड़ित निदेशक पंकज सिरोही ने पुलिस प्रशासन के समक्ष अपनी गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि वर्तमान में उक्त बीएमडब्ल्यू वाहन का अनिवार्य विधिक बीमा (Vehicle Insurance) भी समाप्त हो चुका है और आरोपी ने उसका नवीनीकरण (Renewal) भी नहीं कराया है।
ऐसी विधिक स्थिति में, यदि वह वाहन किसी बड़ी सड़क दुर्घटना, आपराधिक गतिविधि या अन्य किसी विधिक विवाद में शामिल होता है, तो उसकी पूरी कानूनी और आर्थिक जिम्मेदारी सीधे तौर पर कंपनी और उसके निदेशकों पर आ जाएगी। इसी विधिक संकट से बचने और अपनी संपत्ति को सुरक्षित करने के लिए उन्होंने एसएसपी देहरादून से मामले में त्वरित हस्तक्षेप कर वाहन को जब्त करने और आरोपी संदीप कुमार के खिलाफ विधिक धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की गुहार लगाई है। पुलिस ने शिकायत पत्र के आधार पर क्लेमेनटाउन थाना क्षेत्र को मामले की प्रारंभिक विधिक जांच के आदेश दे दिए हैं।
अपने मोबाइल पर ताज़ा अपडेट पाने के लिए -
👉 हमारे व्हाट्सएप ग्रुप को ज्वाइन करें