
आखिर कौन है वो आका, जिसके इशारे पर हमला हुआ और जो आज पुलिस के लिए सिरदर्द बना बैठा है?
पार्षद पुत्र सौरभ बेहड़ पर हुए जानलेवा हमले को दो दिन बीत चुके हैं, लेकिन पुलिस अब तक सिर्फ आश्वासन बांटती नजर आ रही है। न हमलावर गिरफ्त में हैं, न उनके पीछे खड़े आकाओं का कोई सुराग। इससे बेहड़ खेमा उबल चुका है।
मंगलवार को आवास विकास स्थित आवास के सामने हुई महापंचायत में बेहड़ ने साफ लहजे में चेताया—
“आज शाम तक पुलिस के पास आखिरी मौका है। झूठी गिरफ्तारी नहीं चाहिए, सिर्फ असली गुनहगार और उनके आका चाहिए।”
बेहड़ ने दो टूक एलान किया कि यदि बुधवार शाम तक आरोपियों का पर्दाफाश नहीं हुआ, तो
गुरुवार को तराई का शेर एसएसपी कार्यालय की चौखट पर दहाड़ेगा।
उसके बाद हालात की जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
महापंचायत में जुटे समर्थकों ने कहा कि जब एक विधायक का बेटा सरेआम हमले का शिकार हो सकता है, तो आम आदमी की सुरक्षा भगवान भरोसे है। हत्या, फायरिंग और खुलेआम गुंडागर्दी ने तराई की कानून व्यवस्था की पोल खोल दी है।
बेहड़ ने पुलिस को चेताते हुए कहा—
“हम कमजोर नहीं हैं और न ही दबने वाले। आका चाहे जितना बड़ा हो, अब पर्दे में नहीं रहेगा। अगर पुलिस नहीं निपटी, तो हम खुद निपटेंगे।”
अब सवाल यही है—
क्या आज शाम तक पुलिस आका तक पहुंचेगी?
या फिर कल एसएसपी कार्यालय के बाहर तराई की राजनीति का सबसे बड़ा टकराव देखने को मिलेगा?