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‘देवभूमि’ और ‘वीरभूमि’ के बाद अब ‘खेलभूमि’ बनेगा उत्तराखंड: राष्ट्रीय खेल दिवस पर सीएम धामी ने क्रीड़ा विश्वविद्यालय का किया शिलान्यास, खिलाड़ियों के लिए की कई बड़ी घोषणाएं

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हल्द्वानी (नैनीताल)। राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हल्द्वानी के गौलापार में ‘उत्तराखंड राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय’ के प्रथम चरण के निर्माण कार्यों का शिलान्यास किया और इसके प्रथम शैक्षणिक सत्र का औपचारिक शुभारंभ किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड अब देवभूमि और वीरभूमि के साथ-साथ ‘खेलभूमि’ के रूप में भी अपनी एक नई पहचान बनाएगा। राज्य के खिलाड़ियों को उच्चस्तरीय खेल शिक्षा और प्रशिक्षण के लिए अन्य राज्यों का रुख न करना पड़े, इसके लिए इस विश्वविद्यालय को विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस किया जा रहा है।
मेजर ध्यानचंद को दी श्रद्धांजलि, बोले- ‘महानता निरंतर परिश्रम से हासिल होती है’
हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने उन्हें अनुशासन, समर्पण और राष्ट्रभक्ति की अनूठी मिसाल बताया। उन्होंने कहा कि गुलामी के दौर में भी ध्यानचंद ने अपने खेल से पूरे देश में आत्मविश्वास जगाया। उनकी उपलब्धियां यह संदेश देती हैं कि प्रतिभा भले ही जन्म से मिले, लेकिन महानता निरंतर कड़े परिश्रम से ही हासिल होती है।
खिलाड़ियों को प्रोत्साहन योजनाएं, छात्रवृत्ति और आउट ऑफ टर्न सरकारी नौकरी
मुख्यमंत्री ने राज्य में खेल प्रतिभाओं के संवर्धन के लिए चलाई जा रही योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि 8 से 14 वर्ष के बच्चों के लिए ‘मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना’ तथा 14 से 23 वर्ष के युवाओं के लिए प्रोत्साहन योजना के तहत मासिक छात्रवृत्ति व उपकरण सहायता दी जा रही है। खिलाड़ियों के इलाज व दुर्घटना बीमा के लिए ‘मुख्यमंत्री खेल विकास निधि’ गठित की गई है। इसके अलावा पदक विजेता 29 खिलाड़ियों को अब तक आउट ऑफ टर्न सरकारी नौकरी दी जा चुकी है तथा 38वें राष्ट्रीय खेलों के 243 पदक विजेताओं को भी विभिन्न विभागों में सेवायोजित करने की प्रक्रिया जारी है।
‘उत्तराखंड खेल नीति-2026’ का ड्राफ्ट तैयार, ‘एक जनपद-एक खेल’ से बनेगी अलग पहचान
सीएम धामी ने जानकारी दी कि ‘उत्तराखंड खेल नीति-2026’ का ड्राफ्ट तैयार हो चुका है, जिसे जल्द ही कैबिनेट से मंजूरी दिलाई जाएगी। सरकार ‘एक जनपद-एक खेल’ योजना के माध्यम से हर जिले की अलग खेल पहचान बना रही है और लोहाघाट में राज्य का पहला बालिका स्पोर्ट्स कॉलेज शुरू किया जा चुका है। प्रदेश में 23 नई हाईटेक खेल अकादमियां भी स्थापित की जा रही हैं। सरकार का मुख्य लक्ष्य 2027 के राष्ट्रीय खेलों में अधिक से अधिक पदक जीतने के साथ-साथ ओलंपिक-2036 में उत्तराखंड के खिलाड़ियों की मजबूत भागीदारी सुनिश्चित करना है।
खिलाड़ियों की फिटनेस जांचेगी ‘मौली AI’ एप्लीकेशन
खेलों में आधुनिक तकनीक के प्रयोग पर बल देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि उदीयमान खिलाड़ियों की फिटनेस और नियमित मूल्यांकन के लिए ‘मौली एआई’ (Mauli AI) एप्लीकेशन विकसित किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार का स्पष्ट संकल्प है कि किसी भी प्रतिभावान खिलाड़ी का सपना संसाधनों या आर्थिक तंगी की वजह से न टूटे और राज्य के युवाओं का जज्बा हिमालय की तरह अडिग रहे।
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