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अजय भट्ट की सादगी: पीएम मोदी की ‘ईंधन बचाओ’ अपील पर वीआईपी कल्चर छोड़ रोडवेज बस से दिल्ली रवाना हुए सांसद

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हल्द्वानी: नैनीताल-उधम सिंह नगर संसदीय क्षेत्र से सांसद अजय भट्ट शुक्रवार को एक बेहद अलग और सादगी भरे अंदाज में नजर आए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की “ईंधन बचाओ” अपील को जन-जन तक पहुंचाने और ऊर्जा संरक्षण के प्रति अलख जगाने के लिए सांसद खुद वीआईपी कल्चर छोड़कर सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करते दिखे। सांसद अजय भट्ट हल्द्वानी रोडवेज बस स्टेशन पहुंचे और वहां से आम यात्रियों के साथ दिल्ली जाने वाली साधारण रोडवेज बस में सवार होकर रवाना हुए।

ईंधन बचत और पर्यावरण संरक्षण के लिए बड़ी पहल

रोडवेज बस से रवाना होने के दौरान सांसद अजय भट्ट ने कहा कि मौजूदा समय में देशहित के लिए ईंधन की बचत करना बेहद जरूरी हो गया है। यदि आम नागरिक और जनप्रतिनिधि अपने निजी वाहनों को छोड़कर सार्वजनिक परिवहन (बस और ट्रेन) का अधिक से अधिक उपयोग करें, तो इससे देश में पेट्रोल-डीजल की खपत में भारी कमी आएगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार ऊर्जा और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दे रहे हैं, ऐसे में हर नागरिक का कर्तव्य है कि वह इस राष्ट्रीय अभियान में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करे।

बस स्टेशन पर यात्रियों में दिखा भारी उत्साह

हल्द्वानी रोडवेज स्टेशन पर एक सांसद को आम जनता की तरह बस काउंटर से टिकट लेकर सफर करते देख वहां मौजूद यात्रियों और स्थानीय लोगों में भारी उत्साह देखने को मिला। सह-यात्रियों ने सांसद की इस सादगी और जमीनी स्तर पर जनता से जुड़ाव की जमकर सराहना की। यात्रियों का कहना था कि जब बड़े जनप्रतिनिधि खुद सार्वजनिक सुविधाओं का उपयोग करते हैं, तो इससे समाज में एक बड़ा और सकारात्मक संदेश जाता है।

सांसद ने इन महत्वपूर्ण बातों पर भी दिया जोर:

अभियान को आगे बढ़ाते हुए सांसद ने देश और प्रदेश की जनता से अपनी छोटी-छोटी आदतों में बदलाव लाकर बड़े परिवर्तन का हिस्सा बनने की अपील की। इसके लिए उन्होंने निम्नलिखित बिंदुओं को अपनाने पर विशेष जोर दिया:

  • डिजिटल कार्यप्रणाली: दफ्तरों में ‘वर्क फ्रॉम होम’ और सरकारी व निजी बैठकों के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग का अधिक उपयोग किया जाए ताकि अनावश्यक यात्राओं से बचा जा सके।

  • सार्वजनिक परिवहन: निजी कारों और बाइकों के स्थान पर जहां तक संभव हो, बस, मेट्रो और अन्य सार्वजनिक साधनों का इस्तेमाल करें।

  • बिजली की बचत: सरकारी और निजी भवनों में एयर कंडीशनर (AC) का सीमित प्रयोग हो और फिजूल की सजावटी लाइटिंग को कम किया जाए।

  • सादगीपूर्ण जीवन: गैर-जरूरी विदेश यात्राओं से परहेज करने के साथ-साथ पर्यावरण की शुद्धता के लिए प्राकृतिक खेती और जैविक उत्पादों को बढ़ावा दिया जाए।

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