अल्मोड़ा से सटे नैनीताल हाईवे पर जीरो पॉइंट के पास हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे ने सैनार गांव के एक हंसते-खेलते परिवार को कभी न भरने वाला जख्म दिया है। दिल्ली से गांव में होने वाली पारिवारिक पूजा में शामिल होने आ रहे प्रमोद सिंह (37) की इस हादसे में मौत हो गई, जबकि उनकी पत्नी गंभीर रूप से घायल हैं।
यहाँ इस हृदयविदारक घटना का विस्तृत विवरण दिया गया है:
अल्मोड़ा (5 अप्रैल 2026): नैनीताल हाईवे पर जीरो पॉइंट के पास हुए हादसे ने मुख्यालय से सटे सैनार गांव निवासी एक बुजुर्ग दंपती से उनका इकलौता सहारा छीन लिया है। प्रमोद की मौत की खबर मिलते ही पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।
1. घटना का क्रम: गांव की देहरी तक नहीं पहुँच पाया प्रमोद
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पृष्ठभूमि: सैनार गांव निवासी प्रमोद सिंह पिछले 15 वर्षों से दिल्ली के बुराड़ी में अपनी पत्नी, दो बच्चों और माता के साथ रहकर एक निजी कंपनी में नौकरी करते थे। उनके पिता कुंदन सिंह गांव में ही रहकर खेती-बाड़ी करते हैं।
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वजह: गांव में जल्द ही एक पारिवारिक पूजा का आयोजन होना था। इसी मांगलिक कार्य में शामिल होने के लिए प्रमोद अपनी पत्नी नंदनी के साथ दिल्ली से गांव लौट रहे थे।
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हादसा: गंतव्य तक पहुँचने से पहले ही नैनीताल हाईवे पर उनकी गाड़ी हादसे का शिकार हो गई। प्रमोद की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि उनकी पत्नी नंदनी गंभीर रूप से घायल हो गईं, जिनका उपचार चल रहा है।
2. परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
प्रमोद की मौत ने परिवार को पूरी तरह तोड़ दिया है:
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मासूम बच्चे: प्रमोद के पीछे उनकी 6 साल की बेटी और 4 साल का बेटा है, जो फिलहाल दिल्ली में अपनी दादी के साथ थे। उन्हें अब तक इस बात का अंदाजा भी नहीं है कि उनके पिता अब इस दुनिया में नहीं रहे।
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बुजुर्ग माता-पिता: बुजुर्ग कुंदन सिंह और हंसी देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों के अनुसार, परिवार ने पहले अपनी एक पुत्री को खोया था और अब इकलौते पुत्र की मौत ने बुढ़ापे की लाठी छीन ली है।
3. 2017 में हुआ था विवाह
पूर्व ग्राम प्रधान अर्जुन सिंह ने बताया कि प्रमोद मिलनसार व्यक्ति थे। उनका विवाह वर्ष 2017 में गांव से ही हुआ था। वह दिल्ली में रहकर परिवार का भरण-पोषण कर रहे थे और अक्सर त्योहारों व विशेष मौकों पर गांव आते रहते थे।
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