
राजू अनेजा,हल्द्वानी। हल्द्वानी में गुरुवार को मचे बवाल के बाद दंगाग्रस्त कर्फ्यू वाले क्षेत्र में आज दोपहर अचानक सैकड़ों महिलायें नारेबाजी करने हुए सड़कों पर निकल आई। जिन्हें क्षेत्र में तैनात पुलिस कर्मियों ने लाठियां फटकार कर व समझा बुझाकर वापस भेज दिया। जिससे क्षेत्र में एक बार फिर माहौल गरमा गया। महिलाओं का कहना था कि प्रशासन द्वारा दंगाग्रस्त क्षेत्र बनभूलपुरा में पिछले तीन दिन पूर्व लगाये गये कर्फ्यू में कोई ढ़ील न दिये जाने के कारण क्षेत्र के लोगों को भारी परेशानियों से जूझना पड़ रहा है। भारी पुलिस फोर्स के कारण स्थानीय लोग अपनी आवाज को नहीं उठा पा रहे थे। आज क्षेत्र की महिलाओं के सब्र का पैमाना डगमगा गया और सैकड़ों की संख्या में महिलायें ईदगाह रोड़ से नारेबाजी करते हुए सड़कों पर उतर आई। अचानक यह नजारा सामने देख सूचना मिलते ही अधिकारी आश्चर्यचकित रह गये। तत्काल क्षेत्र में तैनात पुलिस कर्मियों ने महिलाओं को आगे बढ़ने से रोक दिया। महिलाओं का कहना था कि कर्फ्यू में कोई ढ़ील न दिये जाने से उनके परिवार के समक्ष कई समस्याएं आ रही हैं। विशेषकर बच्चों व बुजुर्गों की हालत बिगड़ती जा रही है। अधिकारियों द्वारा उन्हें काफी समझाने की कोशिश की गई जब महिलायें कोई बात सुनने को राजी नहीं हुई तो पुलिस कर्मियों ने जमीन पर लाठियां फटकार कर महिलओं को दूर तक खदेड़ दिया। साथ उन्हें चेतावनी दी कि कर्फ्यू का उल्लंघन किसी भी दशा में न किया जाये। प्रशासन द्वारा स्थिति को देखते हुए ही कर्फ्यू में ढ़ील का निर्णय लिया जायेगा। इस दौरान क्षेत्र में अफरा तफरी का माहौल बना रहा।इधर हल्द्वानी के दंगा प्रभावित क्षेत्र बनभूलपुरा में राज्य सरकार द्वारा मांगी गई पैरामिलिट्री फोर्स की एक कंपनी हल्द्वानी शहर में पहुच गयी तथा देर शाम तक चार कम्पनी औऱ पहुचने की उम्मीद बतायी जा रही है।पैरामिलिट्री फोर्स को हल्द्वानी के दंगा प्रभावित क्षेत्र बनभूलपुरा भेजा जाएगा।बीती देर शाम मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने केंद्र सरकार से पांच कंपनी पैरामिलिट्री फोर्स की डिमांड की थी।