काशीपुर/जसपुर। उत्तराखंड के जसपुर क्षेत्र में हुए भीषण सड़क हादसे ने एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियों को पलभर में उजाड़ कर रख दिया। एक तरफ जहां घर में बेटे की बारात की तैयारियां चल रही थीं और ढोल-नगाड़ों के साथ खुशियों के गीत गूंज रहे थे, वहीं इस दर्दनाक दुर्घटना ने सब कुछ तबाह कर दिया। हादसे में अपनी जान गंवाने वाली शमशीदा के बेटे बंटी का रो-रोकर बुरा हाल है और वह मां की मौत के सदमे को बिल्कुल भी सहन नहीं कर पा रहा है।
‘मां… तू उठ जा, घर चल…’
रामनगर से मोर्चरी पहुंचे बेटे बंटी को जब अपनी मां की मौत की खबर मिली, तो उसका पूरा संसार जैसे उजड़ गया। वह यह मानने को तैयार ही नहीं था कि उसकी मां अब इस दुनिया में नहीं रही। मोर्चरी के बाहर बदहवास हालत में वह बार-बार बस यही पुकार रहा था—‘मां… तू उठ जा, घर चल… मां वापस आ जा!’ गम और गुस्से के इस अथाह सागर में बंटी अपने होश खो बैठा और मोर्चरी के बाहर खड़े पुलिसकर्मियों से भी भिड़ गया। वह जिद पर अड़ा था कि उसे तुरंत उसकी मां से मिलवाया जाए। वहां मौजूद रिश्तेदारों और परिजनों ने जब उसे रोते-बिलखते संभाला और बमुश्किल शांत कराया, तब जाकर उसने अपनी मां का चेहरा देखा।
सेहरा और कफन हटते ही दहाड़ मारकर रो पड़ा बेटा
जैसे ही मां के चेहरे से सेहरा और कफन हटाया गया, बंटी शव से लिपटकर फूट-फूटकर रो पड़ा। उसकी दिल को चीर देने वाली चीखें और रोने की आवाज ने वहां मौजूद हर एक शख्स की आंखें नम कर दीं। शादी की खुशियों वाले घर में अचानक पसरे इस मातम और इस परिवार के अकल्पनीय दर्द ने हर किसी का दिल दहला दिया है।