हिमालय प्रहरी

बेरीनाग: लंगूर के हमले में घायल बुजुर्ग महिला की मौत; 12 दिन बाद बरेली के अस्पताल में तोड़ा दम, वन विभाग और नगर पालिका के खिलाफ फूटा गुस्सा

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पिथौरागढ़ जिले के बेरीनाग से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है, जहाँ 12 दिनों तक जिंदगी और मौत की जंग लड़ने के बाद एक बुजुर्ग महिला ने लंगूर के हमले के जख्मों के कारण दम तोड़ दिया। इस घटना ने वन विभाग और नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

यहाँ इस हृदयविदारक घटना और क्षेत्रीय आक्रोश का विस्तृत विवरण दिया गया है:

बेरीनाग/पिथौरागढ़ (4 अप्रैल 2026): नगर पालिका क्षेत्र के सागंड निवासी 60 वर्षीय लीला देवी की मौत के बाद पूरे क्षेत्र में शोक के साथ-साथ भारी आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार के लिए 10 लाख रुपये मुआवजे की मांग की है।

1. घटना का घटनाक्रम: आंगन में हुआ था हमला

  • तारीख: 21 मार्च 2026।

  • हादसा: लीला देवी अपने घर के आंगन में थीं, तभी अचानक एक लंगूर ने उन पर हमला कर दिया। लंगूर से बचने के लिए भागते समय वह अनियंत्रित होकर गिर गईं और गंभीर रूप से घायल हो गई थीं।

  • उपचार का सफर: परिजन उन्हें पहले हल्द्वानी ले गए, लेकिन हालत नाजुक होने पर डॉक्टरों ने उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया। पिछले 12 दिनों से उनका उपचार बरेली के एक निजी अस्पताल में चल रहा था, जहाँ गुरुवार (2 अप्रैल) को उन्होंने अंतिम सांस ली।

2. प्रशासन की लापरवाही: टेंडर निकाला और फिर निरस्त किया

इस मौत ने नगर पालिका और वन विभाग की बड़ी चूक को उजागर किया है:

  • टेंडर विवाद: नगर पालिका बेरीनाग ने जनवरी में बंदरों और लंगूरों को पकड़ने के लिए ई-टेंडर जारी किया था, लेकिन तकनीकी कारणों का हवाला देकर इसे निरस्त कर दिया गया।

  • बजट का रोना: अधिशासी अधिकारी मिनाक्षी बरदोला का कहना है कि वर्तमान में बजट उपलब्ध नहीं है, जबकि स्थानीय लोगों का आरोप है कि यदि समय पर कार्रवाई होती तो लीला देवी की जान बच सकती थी।

  • दूरी का विरोधाभास: मृतका का घर वन विभाग के कार्यालय से मात्र 200 मीटर की दूरी पर है, फिर भी क्षेत्र में वन्यजीवों का आतंक कम नहीं हुआ।

3. डरावने आंकड़े: एक साल में 28 घायल

बेरीनाग सीएचसी (CHC) के रिकॉर्ड के अनुसार, पिछले एक साल में बंदरों और लंगूरों के हमले में 28 लोग घायल हुए हैं। इनमें स्कूली बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग शामिल हैं। कई लोगों के हाथ-पैर तक टूट चुके हैं, जिससे पूरे नगर क्षेत्र में डर का माहौल है।

4. मुआवजे की मांग और शोक संवेदनाएं

पूर्व ग्राम प्रधान विक्रम सिंह और पूर्व सभासद बलवंत धानिक ने पीड़ित परिवार की दयनीय आर्थिक स्थिति को देखते हुए 10 लाख रुपये मुआवजे की मांग की है। मृतका का एक बेरोजगार बेटा है। घटना पर दर्जा राज्य मंत्री नारायण राम आर्या और स्थानीय विधायक फकीर राम सहित कई जनप्रतिनिधियों ने गहरा दुख व्यक्त किया है।

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