
राजू अनेजा,काशीपुर। शहर की तंग गलियों में बेलगाम दौड़ रहे ई-रिक्शा अब मासूमों के लिए खतरा बनते जा रहे हैं। बाजारों तक सीमित रहने वाले टुकटुक रिक्शे अब रिहायशी इलाकों में तेज रफ्तार से फर्राटा भर रहे हैं, जिसका खामियाजा आम नागरिकों—खासकर बच्चों—को भुगतना पड़ रहा है।
ताजा मामला मोहल्ला काजीबाग का है। यहां निवासी कमर आलम की छोटी बेटी माही घर के बाहर खेल रही थी। सुबह के समय गली में अचानक घुसे एक ई-रिक्शा चालक ने लापरवाही से वाहन चलाते हुए बच्ची को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि मासूम जमीन पर गिर पड़ी—उसका सिर फट गया और हाथ में फ्रैक्चर हो गया।
घटना के बाद परिजनों में चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों ने तत्काल बच्ची को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका इलाज जारी है। चिकित्सकों के अनुसार सिर में गहरी चोट आई है और हाथ में फ्रैक्चर की पुष्टि हुई है।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी ई-रिक्शा चालक को हिरासत में ले लिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है और चालक के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की तैयारी में है।
गलियों में बढ़ता खतरा
शहरवासियों का कहना है कि ई-रिक्शा चालकों की मनमानी दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है। बाजारों तक सीमित रहने के बजाय अब ये तंग रिहायशी गलियों में भी तेज रफ्तार से घुस रहे हैं। न तो गति पर नियंत्रण है और न ही यातायात नियमों का पालन।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि
रिहायशी इलाकों में ई-रिक्शा के प्रवेश पर नियंत्रण लगे
स्पीड लिमिट तय कर सख्ती से पालन कराया जाए
बिना लाइसेंस या नाबालिग चालकों पर कार्रवाई हो
नियमित चेकिंग अभियान चलाया जाए
यह घटना प्रशासन के लिए चेतावनी है कि यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए तो अगली खबर और भी दर्दनाक हो सकती है। काशीपुर की गलियों में बच्चों की हंसी तभी सुरक्षित रहेगी, जब सड़कों पर नियमों की सख्ती दिखेगी।