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हथियारों की खेप और राजनीति: किच्छा विधायक बेहड़ के ‘हिंसा की साजिश’ वाले आरोप पर पूर्व विधायक शुक्ला का पलटवार

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किच्छा: बरेली जनपद की बहेड़ी पुलिस द्वारा अवैध हथियारों की तस्करी करने वाले एक गिरोह के भंडाफोड़ के बाद उधम सिंह नगर जिले में राजनीतिक पारा चढ़ गया है। गिरफ्तार आरोपियों द्वारा हथियारों की सप्लाई किच्छा के भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के पूर्व जिलाध्यक्ष अब्दुल गफ्फार खान को किए जाने के खुलासे ने जिले की राजनीति में भूचाल ला दिया है
क्या है मामला?
बरेली पुलिस ने तसलीम अहमद और सोमू खान
 नामक दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके पास से पांच अवैध पिस्टल और कारतूस बरामद किए हैं। पूछताछ में आरोपियों ने कबूला कि यह खेप किच्छा क्षेत्र के ग्राम दरऊ के प्रधानपति और भाजपा नेता 
अब्दुल गफ्फार खान तथा शमी को पहुंचाई जानी थी। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि इन हथियारों का इस्तेमाल पूर्व में बरेली में हुई हिंसा के दौरान भी किया गया था
विधायक तिलक राज बेहड़ के गंभीर आरोप
किच्छा से कांग्रेस विधायक तिलक राज बेहड़ ने एक प्रेस वार्ता के दौरान इस मामले को बेहद संवेदनशील बताते हुए आरोप लगाया कि ये हथियार किच्छा में शांति भंग करने और हत्या जैसी बड़ी वारदातों को अंजाम देने के लिए मंगाए जा रहे थे। उन्होंने उधम सिंह नगर पुलिस से इस नेटवर्क की गहराई से जांच करने और दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
पूर्व विधायक राजेश शुक्ला का पलटवार
दूसरी ओर, पूर्व विधायक राजेश शुक्ला ने विधायक बेहड़ के इन आरोपों को ‘राजनीतिक साजिश’ करार दिया है। शुक्ला ने कहा कि जांच निष्पक्ष होनी चाहिए और यदि गफ्फार खान दोषी पाए जाते हैं तो उन पर सख्त कार्रवाई हो, लेकिन यदि वे निर्दोष निकले तो आरोप लगाने वालों को जनता से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि गफ्फार खान 2022 के चुनावों में किसके समर्थन में थे, इसकी भी जांच होनी चाहिए।
पुलिस की कार्रवाई जारी
बरेली पुलिस ने फरार चल रहे गफ्फार और समीर की गिरफ्तारी के लिए उत्तराखंड में टीमें भेजी हैं। पुलिस अब इस बात की तफ्तीश कर रही है कि इन हथियारों की खरीद-फरोख्त का असली मकसद क्या था और इस गिरोह के तार और कहाँ-कहाँ जुड़े हैं। इस खुलासे के बाद से ही जिले के प्रशासनिक और राजनीतिक हल्कों में चर्चाओं का बाजार गर्म है।
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