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कांग्रेस में एंट्री मिलते ही बाबा की चौखट पर पहुंचे ठुकराल ! श्री बालाजी के दरबार से मांगा नई पारी का आशीर्वाद

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राजू अनेजा,रुद्रपुर।राजनीति में वक्त का पहिया कब किसे कहां ला खड़ा करे, कहना मुश्किल है। कभी भाजपा के मजबूत चेहरे रहे पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल अब कांग्रेस का झंडा थामकर नई पारी की पटकथा लिख रहे हैं—और इसकी शुरुआत हुई आस्था की चौखट से। राजस्थान के प्रसिद्ध सालासर धाम में मत्था टेककर ठुकराल ने साफ संदेश दे दिया कि सियासत में उनकी वापसी अब पूरी तैयारी के साथ है।

 

सियासत में नई पारी की शुरुआत से पहले पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल ने आस्था की चौखट पर सिर झुकाया। कांग्रेस में शामिल होने के तुरंत बाद वह राजस्थान के प्रसिद्ध धाम सालासर धाम पहुंचे और बालाजी महाराज के दरबार में मत्था टेककर अपनी नई राजनीतिक यात्रा के लिए आशीर्वाद मांगा। इसे उनकी सक्रिय सियासी वापसी का बड़ा संकेत माना जा रहा है।

टिकट कटा, निर्दलीय लड़े… फिर सियासी ठहराव

2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा से टिकट कटने के बाद ठुकराल ने निर्दलीय चुनाव लड़कर अपनी ताकत दिखाने की कोशिश की थी। हालांकि चुनावी नतीजों के बाद उनकी राजनीतिक रफ्तार काफी धीमी पड़ गई। लंबे समय तक वह पार्टी से बाहर रहे और ‘घर वापसी’ की चर्चाएं भी चलती रहीं, लेकिन भाजपा नेतृत्व ने उनसे दूरी बनाए रखी।

 

‘वनवास’ के दौर में तलाशते रहे सियासी जमीन

राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि ठुकराल इस दौरान एक तरह से ‘सियासी वनवास’ झेल रहे थे। उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती थी—अपनी राजनीतिक जमीन और जनाधार को फिर से मजबूत करना। समर्थकों के बीच सक्रियता बनाए रखने के बावजूद उन्हें एक मजबूत मंच की कमी खल रही थी।

 

कांग्रेस बना नया ठिकाना, लेकिन राह रही कठिन

आखिरकार ठुकराल ने कांग्रेस का रुख किया, लेकिन यहां एंट्री आसान नहीं रही। पार्टी के भीतर ही विरोध के स्वर उठे। पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष व कांग्रेस नेत्री मीना शर्मा ने खुलकर उनके खिलाफ मोर्चा संभाला और एंट्री में बाधा बनीं। इससे साफ था कि ठुकराल की राह यहां भी चुनौतियों से भरी रहने वाली है।

‘किंगमेकर’ बने बेहड़, खुला कांग्रेस का दरवाजा
इस सियासी खींचतान के बीच किच्छा विधायक व पूर्व कैबिनेट मंत्री तिलक राज बेहड़ ने निर्णायक भूमिका निभाई। उन्होंने ठुकराल के पक्ष में खड़े होकर पार्टी में उनकी एंट्री का रास्ता साफ कराया। उनके हस्तक्षेप के बाद विरोध के स्वर धीरे-धीरे शांत पड़ गए और ठुकराल को कांग्रेस के रूप में नया मंच मिल गया।

रुद्रपुर सीट पर फिर गरमाएंगे सियासी समीकरण
अब कांग्रेस के टिकट पर रुद्रपुर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की तैयारी में जुटे ठुकराल ने सालासर धाम में हाजिरी लगाकर साफ कर दिया है कि वह पूरी ताकत के साथ चुनावी रण में उतरेंगे। उनकी एंट्री से रुद्रपुर की सियासत में हलचल तेज हो गई है और मुकाबला दिलचस्प होने के आसार हैं।

आस्था के सहारे सियासी संदेश

बालाजी के दरबार में माथा टेककर ठुकराल ने न सिर्फ अपनी आस्था जताई, बल्कि समर्थकों और विरोधियों को भी यह संदेश दे दिया कि वह अब नई रणनीति और नए जोश के साथ मैदान में उतर चुके हैं। ऐसे में आने वाले चुनाव में उनका यह नया सियासी दांव कितना असर दिखाता है, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।

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