चम्पावत जिले के बनबसा थाना क्षेत्र से एक विचलित करने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक 12 वर्षीय मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म का प्रयास किया गया। गनीमत रही कि समय रहते चचेरी बहन की बहादुरी और स्थानीय लोगों की सक्रियता से एक बड़ा अनर्थ होने से टल गया।
पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। यहाँ इस घटना का विस्तृत विवरण दिया गया है:
बनबसा (3 अप्रैल 2026): उत्तर प्रदेश के पीलीभीत का रहने वाला आरोपी बनबसा में रहकर इस घिनौनी वारदात को अंजाम देने की कोशिश कर रहा था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ सख्त धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
1. घटना का क्रम: लालच और जबरदस्ती
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तारीख और समय: 1 अप्रैल 2026 की दोपहर।
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वारदात: 12 वर्षीय नाबालिग अपनी चाची के घर जा रही थी। रास्ते में आरोपी मन्नू नायक (पुत्र मजर अहमद) ने उसे 10 रुपये का लालच देकर पास बुलाने की कोशिश की।
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अपहरण का प्रयास: जब बच्ची नहीं मानी, तो आरोपी उसे जबरन एक पास की दुकान के भीतर खींच ले गया और बाहर से शटर गिराने लगा।
2. चचेरी बहन की सूझबूझ और बहादुरी
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नजर पड़ना: पास से ही गुजर रही बच्ची की चचेरी बहन ने यह मंजर देख लिया और तुरंत शटर खोलने का प्रयास किया।
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हिंसा: आरोपी ने विरोध करने पर चचेरी बहन को लात मारकर घायल कर दिया, लेकिन उसने हार नहीं मानी और जोर-जोर से शोर मचाना शुरू कर दिया।
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बचाव: शोर सुनकर मोहल्ले के लोग इकट्ठा हो गए और आरोपी के चंगुल से मासूम को सुरक्षित छुड़ा लिया।
3. पुलिस की कार्रवाई और कानूनी धाराएं
पीड़िता की मां की तहरीर पर बनबसा थाना पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की:
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गिरफ्तारी: स्थानीय लोगों ने आरोपी को पकड़कर पुलिस के हवाले किया।
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मुकदमा: पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पाक्सो एक्ट (POCSO Act) और दुष्कर्म के प्रयास की संगीन धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है।
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जेल: शुक्रवार को आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
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