उत्तराखंड में अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान एक बेहद चौंकाने वाला और जोखिम भरा दृश्य सामने आया है। अपनी आजीविका बचाने की जद्दोजहद में एक युवक ने अपनी जान जोखिम में डालकर उफनती गंगा का सहारा लिया।
यहाँ इस घटना का विस्तृत विवरण दिया गया है:
हरिद्वार/ऋषिकेश (12 अप्रैल 2026): प्रशासनिक टीम की सख्ती और सामान जब्त होने के डर ने एक गरीब ठेली संचालक को ऐसा कदम उठाने पर मजबूर कर दिया, जिसे देखकर वहां मौजूद लोगों की रूह कांप गई।
1. अभियान और हड़कंप
नगर क्षेत्र में सरकारी जमीन और रास्तों से अवैध अतिक्रमण हटाने के लिए प्रशासनिक टीम पूरे लाव-लश्कर के साथ निकली थी। जैसे ही टीम ठेली संचालकों के पास पहुँची, वहां अफरा-तफरी मच गई।
2. ‘आजीविका’ बनाम ‘जान’
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जब्ती का डर: जब टीम एक युवक की ठेली को जब्त करने के लिए आगे बढ़ी, तो युवक घबरा गया। उसे लगा कि यदि ठेली और सामान जब्त हो गया, तो उसके परिवार के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा।
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गंगा में छलांग: प्रशासन के चंगुल से बचने के लिए युवक ने आव देखा न ताव, अपनी ठेली को सीधे गंगा नदी की ढलान पर उतार दिया।
3. रोंगटे खड़े कर देने वाला मंजर
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साहस या मजबूरी: प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, युवक ठेली को खींचते हुए गंगा की तेज धारा के बीच उतर गया। वह धीरे-धीरे संतुलन बनाते हुए नदी पार करने की कोशिश करने लगा।
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लोगों की पुकार: किनारे पर खड़े लोग और प्रशासनिक अधिकारी उसे रुकने के लिए चिल्लाते रहे, लेकिन युवक ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। वह अपनी ठेली को बचाने की जिद में पानी के बीच संघर्ष करता रहा।
4. सुरक्षित रेस्क्यू
गनीमत रही कि गंगा का जलस्तर और बहाव उस वक्त नियंत्रण में था। युवक घंटों की मशक्कत के बाद अपनी ठेली समेत सुरक्षित दूसरे किनारे पर पहुँच गया और वहां से गायब हो गया। इस घटना में किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, जिसे देख प्रशासन ने भी राहत की सांस ली।
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