बनबसा (चंपावत): मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को NHPC ऑडिटोरियम में आगामी बजट को लेकर हितधारकों और विशेषज्ञों के साथ महत्वपूर्ण चर्चा की। ‘समावेशी और सतत विकास’ के विजन के साथ आयोजित इस बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य का आगामी बजट केवल सरकारी दस्तावेज़ नहीं, बल्कि उत्तराखंड की जनता की आकांक्षाओं का प्रतिबिंब होगा।
📈 उत्तराखंड की आर्थिक छलांग: 5 साल में दोगुना हुआ खर्च
बैठक में वित्त सचिव दिलीप जावलकर ने राज्य की मजबूत होती वित्तीय स्थिति के आंकड़े पेश किए:
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पूंजीगत व्यय (Capital Expenditure): पिछले 5 वर्षों में यह ₹7,534 करोड़ से बढ़कर ₹14,765 करोड़ (लगभग दोगुना) हो गया है।
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GSDP में वृद्धि: राज्य का सकल घरेलू उत्पाद 2021-22 के ₹2.54 लाख करोड़ से 60% बढ़कर वर्तमान में ₹4.74 लाख करोड़ पर पहुंच गया है।
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वित्तीय प्रबंधन: सीएम धामी ने गर्व जताते हुए कहा कि छोटा राज्य होने के बावजूद उत्तराखंड वित्तीय प्रबंधन में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है।
🌸 महिला सुरक्षा और स्वच्छता: ‘पिंक टॉयलेट’ की सौगात
मुख्यमंत्री ने बजट प्राथमिकताओं पर चर्चा करते हुए महिलाओं के लिए एक बड़ी घोषणा की:
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पिंक टॉयलेट: राज्य के हर गांव में महिलाओं की सुविधा और स्वच्छता के लिए ‘पिंक टॉयलेट’ बनाए जाएंगे।
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महिला सशक्तिकरण: बजट में महिला स्वयं सहायता समूहों और उनके आर्थिक स्वावलंबन के लिए विशेष प्रावधान किए जा सकते हैं।
🗺️ 2047 का रोडमैप और जनभागीदारी
बैठक में पर्यटन, कृषि, बागवानी, उद्योग और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों पर विशेषज्ञों ने सुझाव दिए। मुख्यमंत्री ने कहा:
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सिल्वर जुबली वर्ष: उत्तराखंड अपने गठन के 25वें वर्ष (रजत जयंती) में प्रवेश कर रहा है, जो नए संकल्पों का वर्ष है।
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आत्मनिर्भरता: हमारा लक्ष्य 2047 तक उत्तराखंड को हर क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना है।
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खुला मंच: सीएम ने उन नागरिकों से भी सुझाव मांगे हैं जो इस संवाद में शामिल नहीं हो पाए, ताकि बजट को सर्वस्पर्शी बनाया जा सके।
👥 बैठक में मुख्य उपस्थिति
इस चर्चा का नेतृत्व मुख्यमंत्री के अतिरिक्त सचिव मनमोहन मैनाली ने किया। कार्यक्रम में क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी, विभिन्न उद्योगों के प्रतिनिधि और विषय विशेषज्ञ शामिल हुए।
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