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चमोली में बड़ा हादसा: विष्णुगाड़-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की सुरंग में भूस्खलन से 9 श्रमिकों की मौत, कई घायल; रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

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चमोली। उत्तराखंड के चमोली जिले में अलकनंदा नदी पर बन रही टीएचडीसी (THDC) की 444 मेगावाट क्षमता वाली विष्णुगाड़-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना में गुरुवार शाम एक बड़ा हादसा हो गया। परियोजना की 3.5 किलोमीटर लंबी सुरंग में अंदर करीब 1.8 किमी की गहराई पर पैकिंग कार्य के दौरान अचानक जोरदार धमाका हुआ और भारी मलबा व पानी भर गया। इस भयानक भूस्खलन की चपेट में आकर काम कर रहे 9 श्रमिकों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 6 अन्य लापता श्रमिकों की तलाश जारी है। हादसे के वक्त सुरंग के भीतर 28 से अधिक श्रमिक मौजूद थे, जिनमें से अधिकांश बिहार, झारखंड और छत्तीसगढ़ के बताए जा रहे हैं।
22 श्रमिक निकाले गए, 12 घायल अस्पताल में भर्ती; दलदल और ऑक्सीजन की कमी से रात में रोका गया रेस्क्यू
जिलाधिकारी गौरव कुमार ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, एनडीआरएफ (NDRF), एसडीआरएफ (SDRF), आईटीबीपी और सेना की टीमें मौके पर पहुँच गईं और युद्धस्तर पर राहत कार्य शुरू किया गया। अब तक सुरंग से 22 श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है। घायलों में से 10 को जिला अस्पताल गोपेश्वर, एक को श्रीनगर तथा एक को पीपलकोटी में भर्ती कराया गया है, जबकि एक घायल को प्राथमिक उपचार के बाद डिस्चार्ज कर दिया गया। एनडीआरएफ के असिस्टेंट कमांडेंट आलोक जायरा के अनुसार, सुरंग के भीतर अत्यधिक पानी, दलदल और ऑक्सीजन की कमी के कारण गुरुवार देर रात राहत कार्य रोकना पड़ा, जिसे शुक्रवार सुबह पुनः शुरू किया जाएगा।
सीएम धामी खुद रख रहे नजर, दिल्ली से पहुंचेगी टीएचडीसी की तकनीकी टीम
घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सुरंग में फंसे प्रत्येक व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकालना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। वे स्वयं पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं। वहीं टीएचडीसी के प्रोजेक्ट निदेशक शरद कुमार ने बताया कि शुक्रवार सुबह सीएमडी सिपन कुमार गर्ग के नेतृत्व में दिल्ली से एक विशेष तकनीकी टीम मौके पर पहुंचेगी। टीएचडीसी प्रबंधन प्रशासन के साथ मिलकर स्थिति को नियंत्रित करने और प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए पूरी तरह जुटा हुआ है।
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