हिमालय प्रहरी

उपनल का बड़ा धमाका: अब उत्तराखंड के युवाओं को विदेशों में भी मिलेगी नौकरी; ‘UORA’ के गठन को मिली मंजूरी

खबर शेयर करें -

देहरादून: उत्तराखंड पूर्व सैनिक कल्याण निगम लिमिटेड (उपनल) अब अपनी सेवाओं का विस्तार सात समंदर पार करने जा रहा है। मंगलवार को गढ़ी कैंट स्थित मुख्यालय में आयोजित बोर्ड बैठक में एक ऐतिहासिक निर्णय लिया गया, जिसके तहत अब उपनल देश के बाहर भी रोजगार के अवसर उपलब्ध कराएगा।

इसके सुचारू संचालन के लिए उपनल ओवरसीज रिक्रूटमेंट एजेंसी (UORA) का गठन किया जा रहा है।


🛡️ UORA: पारदर्शिता और संगठन पर जोर

सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में एजेंसी की कार्यप्रणाली को लेकर कई महत्वपूर्ण बिंदु तय किए गए:

  • पारदर्शी प्रक्रिया: विदेश में नौकरी दिलाने वाली यह एजेंसी पूरी तरह पारदर्शी, संगठित और समयबद्ध (Time-bound) तरीके से काम करेगी।

  • भर्ती और प्रशिक्षण: बोर्ड ने भर्ती प्रक्रिया के साथ-साथ युवाओं को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार करने के लिए विशेष प्रशिक्षण व्यवस्था पर भी चर्चा की।

  • समय सीमा: मंत्री गणेश जोशी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इस एजेंसी के गठन की प्रक्रिया जल्द पूरी कर अगले कुछ महीनों में इसका संचालन शुरू कर दिया जाए।


👥 बैठक में मौजूद वरिष्ठ अधिकारी

इस उच्च स्तरीय बैठक में शासन और सेना के कई दिग्गजों ने शिरकत की:

  • सचिव सैनिक कल्याण दीपेंद्र चौधरी, अपर सचिव श्याम सिंह, अपर सचिव वित्त नवनीत पांडेय

  • राज्यपाल के अनु सचिव अनूर सिंह और कार्मिक विभाग से उप सचिव एसवी रंजन

  • सैन्य अधिकारी: मेजर जनरल सम्मी सभरवाल (सेनि), उपनल एमडी ब्रिगेडियर जेएनएस बिष्ट (सेनि), कर्नल इप्शिता चटर्जी (सेनि) और लेफ्टिनेंट कर्नल बीएस रौतेला (सेनि)।


📢 सैनिक कल्याण मंत्री का संदेश

“UORA के गठन से हमारे राज्य के युवाओं और पूर्व सैनिकों के आश्रितों के लिए विदेश में रोजगार के नए द्वार खुलेंगे। हमारी प्राथमिकता है कि युवाओं को सुरक्षित और विश्वसनीय माध्यम से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अवसर मिल सकें।” > — गणेश जोशी, सैनिक कल्याण मंत्री


💡 उपनल (UPNL) के बारे में

अब तक उपनल मुख्य रूप से उत्तराखंड के विभिन्न सरकारी विभागों और उपक्रमों में पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों को आउटसोर्सिंग के माध्यम से रोजगार प्रदान करता रहा है। विदेश में भर्ती की यह नई पहल संस्थान के इतिहास में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगी।

Exit mobile version