हल्द्वानी : निजी स्कूल संचालकों द्वारा सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर जिला प्रशासन और परिवहन विभाग ने अब कड़ा रुख अपना लिया है। सोमवार को संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) अरविंद पांडेय के नेतृत्व में शहरभर में स्कूल बसों और स्कूली वाहनों की औचक जांच का विशेष अभियान चलाया गया। इस कार्रवाई के दौरान सुरक्षा नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले 150 वाहनों के चालान काटे गए, जबकि गंभीर कमियां पाए जाने पर 4 वाहनों को मौके पर ही सीज कर दिया गया।
जांच में खुली पोल: न सीसीटीवी चले, न मिलीं महिला अटेंडेंट
एआरटीओ प्रवर्तन जितेंद्र सांगवान की टीम ने जब बसों की गहन तलाशी ली, तो चौंकाने वाली लापरवाही सामने आई। छात्राओं को ले जा रही कई बसों में अनिवार्य महिला अटेंडेंट मौजूद नहीं थीं, जबकि कई वाहनों में लगे सीसीटीवी कैमरे बंद पाए गए। सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण अग्निशमन यंत्र (Fire Extinguishers) कई बसों में खराब मिले और वीएलटीडी (VLT) व एसएलडी (SLD) जैसे उपकरण भी काम नहीं कर रहे थे। इसके अलावा, कई बसों की फिटनेस, परमिट और बीमा जैसे जरूरी दस्तावेज भी अधूरे पाए गए।
नियम तोड़ने वालों को आरटीओ की सीधी चेतावनी
कार्रवाई के दौरान यह भी देखा गया कि चालक निर्धारित वर्दी में नहीं थे और बसों पर “बच्चे चढ़-उतर रहे हैं” जैसे अनिवार्य स्लोगन भी गायब थे। आरटीओ अरविंद पांडेय ने स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि बच्चों की जान के साथ किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्कूल संचालकों को चेतावनी दी है कि अनफिट और अवैध दस्तावेज वाले वाहनों का संचालन तुरंत बंद करें, अन्यथा आने वाले दिनों में और भी कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
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