देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में बुधवार को सचिवालय में राज्य मंत्रिमंडल की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में कुल छह महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगी, जिनमें कर्मचारियों के कल्याण, नशे के खिलाफ जंग और चिकित्सा सेवाओं में सुधार जैसे अहम मुद्दे शामिल हैं।
✅ कैबिनेट के 6 प्रमुख फैसले
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एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) का विस्तार:
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‘ड्रग्स फ्री देवभूमि’ के लक्ष्य को हासिल करने के लिए कैबिनेट ने 2022 में गठित टास्क फोर्स के लिए 22 नए पदों के सृजन को स्वीकृति दे दी है। यह राज्य स्तर पर नशे के सौदागरों के खिलाफ कार्रवाई को और प्रभावी बनाएगा।
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वन विभाग के दैनिक श्रमिकों का वेतन बढ़ा:
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वन विभाग में कार्यरत 893 दैनिक श्रमिकों में से 579 को अब तक न्यूनतम वेतन नहीं मिल रहा था। कैबिनेट ने इन सभी 579 श्रमिकों को भी ₹18,000 न्यूनतम वेतन देने की मंजूरी दे दी है।
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ESI डॉक्टरों की भर्ती और प्रमोशन:
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लेबर मेडिकल सर्विस नियमावली-2006 में संशोधन किया गया है। अब ईएसआई अस्पतालों में डॉक्टरों के रिक्त 94 पदों को भरा जाएगा और उनके प्रमोशन के रास्ते भी साफ होंगे।
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बोनस एक्ट संशोधन की वापसी:
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कोविड काल के दौरान श्रम विभाग द्वारा ‘पेमेंट ऑफ बोनस एक्ट’ में जो संशोधन केंद्र को भेजे गए थे, उन्हें अब वापस लेने का निर्णय लिया गया है।
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जेल एक्ट (Prison Act) में बदलाव:
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‘हैबिचुअल ऑफेंडर’ (बार-बार अपराध करने वाले) की परिभाषा को लेकर बड़ा बदलाव किया गया है। उत्तराखंड सरकार ने अब इस मामले में केंद्र सरकार की परिभाषा को ही राज्य में एडॉप्ट कर लिया है।
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सूक्ष्म खाद्य उन्नयन योजना जारी रहेगी:
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कृषि विभाग के तहत ‘प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उन्नयन योजना’ के साथ-साथ राज्य की ‘मुख्यमंत्री सूक्ष्म खाद्य उन्नयन योजना’ भी 2025-26 तक निरंतर जारी रहेगी। इससे छोटे खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों को मजबूती मिलेगी।
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📢 निष्कर्ष
आज की कैबिनेट बैठक में सबसे अधिक जोर सरकारी तंत्र को मजबूत करने और संविदा व दैनिक कर्मचारियों के हितों की रक्षा पर रहा। वन श्रमिकों के मानदेय में वृद्धि से सैकड़ों परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा।
