
देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में सचिवालय में हुई महत्वपूर्ण कैबिनेट बैठक में कई अहम प्रस्तावों पर मुहर लगी है। सरकार ने समाज के कमजोर और पिछड़े वर्गों को लाभान्वित करने के लिए बड़े निर्णय लेते हुए अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और दिव्यांगजन वर्ग के लिए कई सौगातों का ऐलान किया है। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क कनेक्टिविटी बढ़ाने और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए भी कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं।
एससी-एसटी छात्रों के लिए मुफ्त कोचिंग की आय सीमा बढ़ाई
राज्य सरकार ने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए निश्शुल्क कोचिंग का लाभ देने हेतु एक बड़ा कदम उठाया है। वर्ष 2009 से तय पारिवारिक वार्षिक आय सीमा की बाध्यता को समाप्त करते हुए इसे दो लाख रुपये से बढ़ाकर आठ लाख रुपये वार्षिक करने के प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी गई है। इस निर्णय से अधिक से अधिक गरीब और जरूरतमंद छात्र इस योजना का लाभ उठा सकेंगे।
दिव्यांगजनों को परीक्षाओं में राहत और अंकों की शिथिलता
कैबिनेट ने दिव्यांगजनों को बड़ी राहत देते हुए राज्य परिषदीय परीक्षाओं में उत्तीर्ण होने के लिए पांच प्रतिशत अंकों की शिथिलता प्रदान करने का निर्णय लिया है। इसके अलावा, बौद्धिक अक्षमता, मानसिक बीमारी, ऑटिज्म स्पेक्ट्रम, सेरेब्रल पाल्सी और स्पेशल लर्निंग डिसेबिलिटी जैसी पांच प्रमुख व्याधियों से ग्रस्त दिव्यांगजनों को अब परीक्षा में मात्र 28 प्रतिशत अंक प्राप्त होने पर ही उत्तीर्ण घोषित किया जाएगा।
ग्रामीण सड़कों का जिम्मा अब लोनिवि को, अनुपूरक बजट को मंजूरी
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत अब तक छूटे हुए गांवों तक सड़क पहुंचाने का जिम्मा लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) को सौंप दिया गया है, जिससे ग्रामीण अंचलों में सड़कों का निर्माण कार्य तेजी से हो सकेगा। सूत्रों के अनुसार, बैठक में विभिन्न विभागों के कुल 26 बिंदुओं पर मुहर लगी है, जिसमें लगभग 7400 करोड़ रुपये के बड़े अनुपूरक बजट को भी स्वीकृति प्रदान की गई है ताकि विकास कार्यों को और अधिक गति दी जा सके।
कैबिनेट के अन्य प्रमुख निर्णय:
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समान नागरिक संहिता (UCC) नियमावली में संशोधन: नियमावली में संशोधन कर नागरिकों को नाम में बदलाव का अवसर मिलेगा।
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सड़क एवं सेतु निर्माण: सड़क और सेतु निर्माण से जुड़ी प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति प्रक्रिया का सरलीकरण किया जाएगा।
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खिलाड़ियों को सौगात: राज्य में पुरस्कार प्राप्त करने वाले खिलाड़ी अब निगम की बसों में पूरी तरह निश्शुल्क यात्रा कर सकेंगे।
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पर्यटन को बढ़ावा: ‘उत्तराखंड एडवेंचर टूरिज्म कारपोरेशन लिमिटेड’ के गठन को मंजूरी दी गई है।
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शिक्षा का सुदृढ़ीकरण: प्रदेश के सभी 13 जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों (DIET) का पुनर्गठन किया जाएगा।
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वन टाइम सेटलमेंट: लंबित स्टांप वादों के त्वरित निस्तारण के लिए विशेष ‘वन टाइम सेटलमेंट’ योजना लाई जाएगी।