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धामी कैबिनेट के बड़े फैसले: परिवहन निगम खरीदेगा 250 नई बसें और कुंभ कार्यों को मिली वित्तीय शक्ति

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देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिमंडल की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई, जिसमें राज्य के विकास और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े 18 अहम प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई है। इस बैठक में शिक्षा, परिवहन, वन और कुंभ मेले की तैयारियों को लेकर कई दूरगामी निर्णय लिए गए।

वन विभाग: भर्ती नियमों में बड़ा बदलाव

कैबिनेट ने उत्तराखंड अधीनस्थ वन सेवा नियमावली में संशोधन को मंजूरी दी है, जिसके तहत भर्ती की शर्तों को और अधिक प्रतिस्पर्धी बनाया गया है:

  • शैक्षिक अर्हता: वन दरोगा पद के लिए शैक्षिक अर्हता अब इंटरमीडिएट से बढ़ाकर स्नातक (Graduate) कर दी गई है।

  • आयु सीमा: वन दरोगा के लिए आयु सीमा को 21 से 35 वर्ष किया गया है, जबकि वन आरक्षी के लिए इसे 18 से 25 वर्ष निर्धारित किया गया है।

  • मौन पालन: वन क्षेत्र की सीमा के भीतर मौन पालन (मधुमक्खी पालन) के लिए वन विभाग की नई नीति को भी कैबिनेट ने अपनी सहमति दे दी है।

परिवहन और बुनियादी ढांचा: 250 नई बसों का बेड़ा

प्रदेश की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कैबिनेट ने 250 नई बसों की खरीद को हरी झंडी दे दी है। पूर्व में शासन ने 100 बसों की मंजूरी दी थी, जिसे अब बढ़ाकर 109 किया गया है। जीएसटी दरों में आई कमी (28% से 18%) के कारण शासन को अतिरिक्त बसें खरीदने में सुविधा मिली है। इसके अलावा, परिवहन विभाग के सिपाहियों और पर्यवेक्षकों के लिए वर्दी का नया निर्धारण भी मंजूर किया गया है।

कुंभ मेला: अधिकारियों को दी वित्तीय शक्तियां

आगामी कुंभ मेले के कार्यों को गति देने के लिए वित्तीय अधिकारों का विकेंद्रीकरण किया गया है:

  • कुंभ मेला अधिकारी: अब एक करोड़ रुपये तक के कार्यों को स्वयं स्वीकृत कर सकेंगे।

  • गढ़वाल आयुक्त: 5 करोड़ रुपये तक के कार्यों को स्वीकृति देने के लिए अधिकृत होंगे।

  • इससे अधिक लागत वाले प्रस्तावों को शासन स्तर से मंजूरी लेनी होगी।

मदरसा शिक्षा और अल्पसंख्यक कल्याण

उत्तराखंड के करीब 452 मदरसों के संचालन को लेकर कैबिनेट ने बड़ा फैसला लिया है:

  • कक्षा 1 से 8 तक संचालित होने वाले लगभग 400 मदरसों को अब जिला स्तरीय शिक्षा समिति या सक्षम अधिकारी से मान्यता मिल सकेगी।

  • 12वीं तक की कक्षाएं चलाने वाले मदरसों के लिए उत्तराखंड शिक्षा बोर्ड से संबद्धता अनिवार्य होगी।

  • इस संबंध में अल्पसंख्यक शिक्षा अधिनियम का अध्यादेश लाने को भी मंजूरी दी गई है।

अन्य महत्वपूर्ण निर्णय

  • उप खनिज: रॉयल्टी की दर को 7 रुपये प्रति कुंतल से बढ़ाकर 8 रुपये प्रति कुंतल कर दिया गया है।

  • विधिक सेवा: जिला सैनिक कल्याण अधिकारी अब जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के पदेन सदस्य होंगे। इस सेवा में एसिड अटैक पीड़ितों को भी शामिल किया गया है।

  • उच्च शिक्षा: मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा शोध प्रोत्साहन योजना का लाभ अब प्रदेश के 21 अशासकीय अनुदानित महाविद्यालयों के नियमित प्राचार्यों को भी मिलेगा।

  • ठेकेदार श्रेणियां: सूचीबद्ध ‘D’ श्रेणी के ठेकेदारों की कार्य सीमा को 1 करोड़ से बढ़ाकर 1.50 करोड़ रुपये किया गया है।

  • दिव्यांग श्रेणी: लोक निर्माण विभाग में दिव्यांग श्रेणी के रिक्त रहे पदों की पूर्ति हेतु 6 नए पद सृजित करने का निर्णय लिया गया है।

बैठक में संस्कृत शिक्षा और विशेष शिक्षा शिक्षक नियमावली को भी मंजूरी दी गई, जो शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्ता सुधारने की दिशा में एक कदम है।

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