प्रदीप बत्रा को मिली निर्णायक जिम्मेदारी, समाज की एकता और नई पीढ़ी की पहचान बचाने का लिया संकल्प
राजू अनेजा,देहरादून। उत्तराँचल पंजाबी महासभा की प्रदेश स्तरीय अहम बैठक मंगलवार को देहरादून स्थित यमुना कॉलोनी के शासकीय आवास (कोठी नंबर R-2) में बेहद गरिमामयी और भावनात्मक माहौल के बीच संपन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता उत्तराखण्ड सरकार में कैबिनेट मंत्री एवं वरिष्ठ भाजपा नेता प्रदीप बत्रा ने की। कार्यक्रम में प्रदेशभर से संगठन के पदाधिकारी, समाजसेवी, वरिष्ठजन और विभिन्न इकाइयों के प्रतिनिधि बड़ी संख्या में शामिल हुए।
बैठक का मुख्य उद्देश्य संगठन को नई दिशा, नई ऊर्जा और अधिक मजबूत स्वरूप देना रहा। कार्यक्रम के दौरान संगठन के पुनर्गठन, नई प्रदेश कार्यकारिणी के गठन, Core Committee के गठन और समाज की एकजुटता को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
बैठक का संचालन नवीन गुलाटी और दीपक अरोड़ा ने संयुक्त रूप से किया। कार्यक्रम की शुरुआत प्रदेशभर से पहुंचे प्रतिनिधियों और वरिष्ठ सदस्यों के स्वागत के साथ हुई।
भावुक माहौल में राजीव घई ने सौंपा इस्तीफा
बैठक के दौरान उत्तराँचल पंजाबी महासभा के अध्यक्ष राजीव घई ने बेहद भावुक माहौल में अपने पद से त्यागपत्र सौंप दिया। अपने संबोधन में उन्होंने संगठन के साथ अपने लंबे जुड़ाव और समाज सेवा की यात्रा को याद करते हुए कहा कि यह निर्णय उन्होंने संगठन हित में लिया है ताकि नई सोच और नए नेतृत्व के साथ महासभा और अधिक मजबूत होकर आगे बढ़ सके।
राजीव घई ने कहा कि वर्ष 2000 से उन्हें स्वर्गीय राममूर्ति वीर के नेतृत्व में महामंत्री के रूप में समाज सेवा का अवसर मिला। इसके बाद वरिष्ठ नेता एवं विधायक तिलक राज बेहड़ सहित तमाम वरिष्ठ साथियों के सहयोग से संगठन को प्रदेश स्तर पर नई पहचान मिली। उन्होंने कहा कि समाज की एकता, सम्मान और संगठन की मजबूती हमेशा उनकी प्राथमिकता रही है।
उन्होंने कहा कि उत्तराँचल पंजाबी महासभा केवल एक संगठन नहीं, बल्कि समाज की भावनाओं, संस्कृति और अस्तित्व से जुड़ा एक मजबूत मंच है। आने वाले समय में संगठन को नई पीढ़ी से जोड़ना सबसे बड़ी आवश्यकता है।
मुख्यमंत्री धामी और प्रदीप बत्रा का जताया आभार
अपने संबोधन में राजीव घई ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का विशेष आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पंजाबी समाज पिछले करीब 15 वर्षों से प्रदेश मंत्रिमंडल में प्रतिनिधित्व की मांग कर रहा था, जिसे मुख्यमंत्री धामी ने पूरा किया। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नेता एवं विधायक प्रदीप बत्रा को कैबिनेट मंत्री बनाना पूरे पंजाबी समाज के सम्मान और गौरव का विषय है।
उन्होंने कहा कि यह निर्णय केवल एक व्यक्ति को जिम्मेदारी देना नहीं, बल्कि पूरे पंजाबी समाज के विश्वास और सम्मान को मजबूत करने वाला कदम है।
बैठक में दो बड़े प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित
बैठक के दौरान राजीव घई ने सभा के समक्ष दो महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखे, जिन्हें उपस्थित सभी सदस्यों ने सर्वसम्मति से पारित किया।
पहला प्रस्ताव मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त करने और कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा के सम्मान में भव्य प्रदेश स्तरीय सम्मान समारोह आयोजित करने को लेकर था।
दूसरा प्रस्ताव संगठन को नई ऊर्जा और मजबूत स्वरूप देने के लिए नई Core Committee और नई प्रदेश कार्यकारिणी के गठन से संबंधित था।
दोनों प्रस्तावों को बैठक में मौजूद सभी सदस्यों ने ध्वनिमत से पारित किया।
विभाजन विभीषिका को लेकर भावुक हुए वक्ता
बैठक के दौरान विभाजन की त्रासदी में शहीद हुए लाखों हिन्दू-सिख परिवारों और बुजुर्गों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि भी दी गई। राजीव घई ने कहा कि उत्तराँचल पंजाबी महासभा वर्षों से लगातार श्राद्ध-तर्पण, अरदास और स्मृति कार्यक्रम आयोजित कर विभाजन की पीड़ा को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने का प्रयास करती रही है।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 14 अगस्त को “विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस” घोषित किए जाने को ऐतिहासिक और भावनात्मक निर्णय बताया। उन्होंने कहा कि यह फैसला उन लाखों परिवारों के दर्द और बलिदान को सम्मान देने वाला है, जिन्होंने विभाजन की भयावह त्रासदी झेली।
प्रदीप बत्रा को मिला अंतिम निर्णय लेने का अधिकार
बैठक में संगठन के पुनर्गठन और नई कार्यकारिणी के गठन को लेकर अंतिम निर्णय लेने का अधिकार कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा को सौंपा गया। इस फैसले को संगठन की मजबूती और एकजुटता की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
इसके साथ ही नई कार्यकारिणी की रूपरेखा तैयार करने के लिए 7 सदस्यीय Core Committee का गठन भी किया गया। समिति में दिनेश मानसेरा, करण मल्होत्रा, राजीव सच्चर, देविन्दर सिंह मान, हरीश जलहोतरा, राजकुमार फुटेला और राज ओबेरॉय को शामिल किया गया।
वरिष्ठ नेताओं को मिली संरक्षक मंडल में जिम्मेदारी
बैठक में संगठन के मार्गदर्शन और गरिमा को बनाए रखने के लिए कई वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों और समाजसेवियों को संरक्षक मंडल में शामिल किया गया। इनमें राज्य मंत्री विश्वास डाबर, विधायक शिव अरोरा, विधायक सविता कपूर, विधायक तिलक राज बेहड़, विधायक त्रिलोक सिंह चीमा, काशीपुर के मेयर दीपक बाली और रुद्रपुर के मेयर विकास शर्मा प्रमुख रूप से शामिल हैं।
समाज की एकता और संस्कृति बचाने का लिया संकल्प
बैठक के अंत में सभी पदाधिकारियों और समाज के प्रतिनिधियों ने पंजाबी समाज की एकता बनाए रखने, संगठन को मजबूत करने और पंजाबी भाषा, संस्कृति एवं आने वाली पीढ़ियों की पहचान को सुरक्षित रखने का सामूहिक संकल्प लिया।
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि बदलते समय में समाज को संगठित रखना सबसे बड़ी चुनौती है और उत्तराँचल पंजाबी महासभा इस दिशा में लगातार कार्य करती रहेगी।
