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बिन्दुखत्ता आंदोलन: प्रशासन की घेराबंदी; स्कूल बंद करने के फैसले पर शिक्षा विभाग की रोक, सभी स्कूल खुलेंगे

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लालकुआं/हल्द्वानी | 18 फरवरी, 2026: बिन्दुखत्ता राजस्व गांव संघर्ष समिति के आज होने वाले विशाल शक्ति प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने ‘चेक एंड बैलेंस’ की रणनीति अपना ली है। एक ओर जहां गौला निकासी गेटों को खोलकर भीड़ को नियंत्रित करने की कोशिश की गई है, वहीं दूसरी ओर शिक्षा विभाग ने निजी स्कूलों द्वारा घोषित छुट्टी को रद्द करते हुए स्कूल खोलने के सख्त आदेश जारी कर दिए हैं।


📚 शिक्षा विभाग का कड़ा फरमान: “कोई अवकाश नहीं”

कल तक बिन्दुखत्ता क्षेत्र के कई निजी स्कूलों ने आंदोलन के मद्देनजर सुरक्षा कारणों से अवकाश घोषित कर दिया था, लेकिन खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) हल्द्वानी ने देर शाम आदेश जारी कर स्थिति बदल दी:

  • सख्त निर्देश: लालकुआं और बिन्दुखत्ता क्षेत्र के सभी सरकारी, मान्यता प्राप्त और निजी विद्यालय निर्धारित समय पर खुलेंगे।

  • निरीक्षण: मुख्य शिक्षा अधिकारी (CEO) स्वयं क्षेत्र के भ्रमण पर रहेंगे। यदि कोई स्कूल बंद पाया गया, तो संस्था अध्यक्ष के खिलाफ सीधी कार्रवाई की जाएगी।

  • असर: आदेश के बाद स्कूल प्रबंधन, जो पहले छुट्टी का संदेश भेज चुके थे, अब आनन-फानन में अभिभावकों को ‘स्कूल खुलने’ के मैसेज भेज रहे हैं।


🚛 वन विकास निगम की रणनीति: गौला गेट खुलेंगे

आंदोलन में ग्रामीणों की भारी भीड़ को रोकने के लिए वन विकास निगम ने भी एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है:

  • गौला निकासी: बुधवार (आज) को गौला नदी के सभी निकासी गेट खोलने का निर्णय लिया गया है।

  • उद्देश्य: माना जा रहा है कि गेट खुलने से क्षेत्र के हजारों मजदूर और वाहन स्वामी काम में व्यस्त हो जाएंगे, जिससे तहसील घेराव में उमड़ने वाली भीड़ पर आंशिक अंकुश लग सकेगा।


⚠️ प्रशासनिक आदेश का मुख्य अंश

“कल 18 फरवरी 2026 को किसी भी प्रकार का कोई अवकाश नहीं है। रोज की भांति नियमित रूप से विद्यालय खुले रहेंगे। कोई भी विद्यालय बंद पाए जाने की स्थिति में संस्था अध्यक्ष व्यक्तिगत रूप से उत्तरदायी होंगे।”

खंड शिक्षा अधिकारी, हल्द्वानी


🚩 आंदोलन पर इसका क्या होगा असर?

प्रशासनिक सख्ती के बावजूद संयुक्त संघर्ष समिति अपने कार्यक्रम पर अडिग है। समिति का कहना है कि स्कूलों को जबरन खुलवाना और गौला गेट खोलना आंदोलन को दबाने की कोशिश है, लेकिन ग्रामीण भारी संख्या में तहसील पहुंचेंगे।

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