अल्मोड़ा/जागेश्वर (25 अप्रैल 2026): विश्व प्रसिद्ध जागेश्वर धाम में शनिवार को यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। अत्यधिक भीड़ के कारण लगे भीषण जाम ने न केवल श्रद्धालुओं की आस्था की परीक्षा ली, बल्कि विवाद इतना बढ़ा कि सड़क पर मारपीट और हंगामा शुरू हो गया। हालात इस कदर बिगड़े कि करीब एक किलोमीटर लंबा जाम हर्बल गार्डन तक पहुँच गया।
1. पार्किंग विवाद ने लिया हिंसक रूप
जाम के दौरान कई श्रद्धालु अपने वाहनों को जबरन मंदिर के मुख्य द्वार तक ले जाने का प्रयास कर रहे थे। पार्किंग स्थल फुल होने के कारण कुछ लोगों ने स्थानीय दुकानों और होटलों के सामने ही गाड़ियाँ खड़ी कर दीं। जब स्थानीय व्यापारियों ने इसका विरोध किया, तो बात गाली-गलौज से शुरू होकर मारपीट तक पहुँच गई। करीब 20 मिनट तक बीच सड़क पर चले इस ड्रामे के कारण यातायात और अधिक बाधित हो गया।
2. हर्बल गार्डन तक लगी वाहनों की कतार
सड़क के दोनों ओर बेतरतीब खड़े वाहनों के कारण पैदल चलने वालों, विशेषकर बुजुर्गों, बच्चों और बीमारों को मंदिर तक पहुँचने में भारी मशक्कत करनी पड़ी। पुलिस टीम दिनभर पसीना बहाती रही, लेकिन संकरी सड़क और भारी वाहनों के दबाव के आगे व्यवस्था बौनी साबित हुई।
3. शवयात्रा फंसी, यात्रियों ने खुद संभाला मोर्चा
जाम का सबसे संवेदनशील पहलू तब सामने आया जब गुरडाबांज क्षेत्र से आई एक शवयात्रा भी वाहनों की कतार में फंस गई। काफी देर तक जब पुलिस जाम नहीं खुलवा पाई, तो शवयात्रियों ने खुद ही सड़क पर उतरकर मोर्चा संभाला। उनके हस्तक्षेप और कड़ी मशक्कत के बाद यातायात को किसी तरह सुचारू किया गया, तब जाकर शवयात्रा आगे बढ़ सकी।
4. शटल सेवा की उठ रही मांग
बढ़ती भीड़ को देखते हुए टैक्सी यूनियन के अध्यक्ष हेमंत साह और स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से तत्काल शटल सेवा शुरू करने की मांग की है। यूनियन का कहना है कि पिछले वर्षों की तुलना में इस बार श्रद्धालुओं की संख्या कई गुना अधिक है, जिसे संभालने के लिए वर्तमान ढांचा पर्याप्त नहीं है।
चौकी प्रभारी कमित जोशी का बयान:
“श्रद्धालुओं की संख्या अधिक होने के कारण जाम की स्थिति पैदा हुई थी। पुलिस टीम व्यवस्था दुरुस्त करने में जुटी है ताकि श्रद्धालुओं को असुविधा न हो। विवाद की सूचना पर भी उचित कार्रवाई की जा रही है।”
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