देहरादून (16 मार्च 2026): हिंदू नववर्ष के साथ ही चैत्र नवरात्रि का पावन पर्व शुरू होने जा रहा है। आचार्य डॉ. चंडी प्रसाद घिल्डियाल के अनुसार, इस वर्ष प्रतिपदा तिथि और घटस्थापना के मुहूर्त को लेकर स्थिति स्पष्ट है।
1. मां दुर्गा का वाहन और उसका संकेत
शास्त्रों में मां के आगमन के वाहन का विशेष महत्व है। आचार्य ने बताया:
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सवारी (आगमन): इस बार मां दुर्गा डोली (पालकी) पर सवार होकर आ रही हैं।
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संकेत: डोली पर आगमन का अर्थ है कि आने वाला समय जीवन में बड़े बदलावों और महत्वपूर्ण सीखों की ओर इशारा कर रहा है। यह साधकों के लिए धैर्य और आत्मचिंतन का समय होगा।
2. कलश स्थापना (घटस्थापना) के शुभ मुहूर्त
नवरात्रि के प्रथम दिन कलश स्थापना के लिए दो प्रमुख समय बताए गए हैं:
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प्रातः कालीन मुहूर्त: सुबह 06:52 बजे से सुबह 07:43 बजे तक।
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अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:05 बजे से दोपहर 12:53 बजे तक।
3. तिथियों का सटीक विवरण (19 मार्च से 27 मार्च)
इस वर्ष नवरात्रि पूरे नौ दिनों की होगी, जिसका कार्यक्रम निम्नवत है:
| तिथि | दिनांक (2026) | स्वरूप/पूजा |
| प्रतिपदा | 19 मार्च | मां शैलपुत्री पूजा एवं घटस्थापना |
| द्वितीया | 20 मार्च | मां ब्रह्मचारिणी पूजा |
| तृतीया | 21 मार्च | मां चंद्रघंटा पूजा |
| चतुर्थी | 22 मार्च | मां कुष्मांडा पूजा |
| पंचमी | 23 मार्च | मां स्कंदमाता पूजा |
| षष्ठी | 24 मार्च | मां कात्यायनी पूजा |
| सप्तमी | 25 मार्च | मां कालरात्रि पूजा |
| अष्टमी | 26 मार्च | मां महागौरी पूजा (अष्टमी) |
| नवमी | 27 मार्च | मां सिद्धिदात्री पूजा (राम नवमी) |
Snapshot: चैत्र नवरात्रि 2026 गाइड
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प्रारंभ तिथि: 19 मार्च 2026 (प्रतिपदा सुबह 06:52 से शुरू)।
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समाप्ति तिथि: 27 मार्च 2026 (राम नवमी)।
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विशेष: प्रतिपदा तिथि 20 मार्च को सुबह 04:52 पर समाप्त हो जाएगी, इसलिए उदयातिथि के अनुसार 19 मार्च को ही पर्व का शुभारंभ श्रेष्ठ है।
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