चंपावत: उत्तराखंड के चंपावत जिले में कथित नाबालिग गैंगरेप मामले में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पुलिस जांच में यह पूरा प्रकरण आपसी रंजिश के तहत रची गई एक गहरी साजिश के रूप में सामने आया है। इस मामले में पुलिस ने साजिश रचने के आरोप में कांग्रेस नेता आनंद सिंह महरा सहित दो और व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। अब तक इस प्रकरण में मुख्य षड्यंत्रकर्ता कमल सिंह रावत और उसकी महिला मित्र समेत कुल चार गिरफ्तारियां हो चुकी हैं।
पुरानी रंजिश के लिए नाबालिग का किया इस्तेमाल
चंपावत पुलिस अधीक्षक रेखा यादव के निर्देशन में हुई गहन विवेचना में यह तथ्य सामने आया कि निर्दोष व्यक्तियों, जिनमें भाजपा के पूर्व पदाधिकारी भी शामिल थे, को दुष्कर्म जैसे गंभीर मामले में फंसाने के लिए एक 16 वर्षीय नाबालिग लड़की को जरिया बनाया गया था। जांच में पाया गया कि मेडिकल रिपोर्ट, फॉरेंसिक साक्ष्य और इलेक्ट्रॉनिक सबूतों में गैंगरेप की पुष्टि नहीं हुई है। स्वयं नाबालिग ने भी बाद में स्वीकार किया कि उसे मोहरा बनाकर यह साजिश रची गई थी।
साक्ष्यों के आधार पर हुई नई गिरफ्तारियां
कोतवाली चंपावत में दर्ज प्राथमिकी की जांच के दौरान तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर दो और नाम सामने आए। पुलिस ने कांग्रेस नेता आनंद सिंह महरा (निवासी बनबसा) और बबलू राम (निवासी मंच, चंपावत) को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है। इससे पूर्व कमल सिंह रावत और उसकी महिला मित्र को पहले ही जेल भेजा जा चुका है।
पुलिस की कड़ी कार्रवाई की चेतावनी
बता दें कि यह मामला 5 मई को तब चर्चा में आया था जब सल्ली गांव के एक शादी समारोह में लड़की के साथ कथित गैंगरेप की खबर फैली थी। हालांकि, एसपी रेखा यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्पष्ट किया कि यह केवल आपसी रंजिश का मामला था और कोई दुष्कर्म नहीं हुआ था। पुलिस अब इस प्रकरण में जुड़े अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी जांच कर रही है और साफ किया है कि झूठी साजिश रचकर कानून का मजाक बनाने वाले दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
अपने मोबाइल पर ताज़ा अपडेट पाने के लिए -
👉 हमारे व्हाट्सएप ग्रुप को ज्वाइन करें
