देहरादून (6 मार्च 2026): देवभूमि उत्तराखंड में चारधाम यात्रा के लिए उत्साह चरम पर है। जिलाधिकारी सविन बंसल के अनुसार, आज सुबह 7 बजे से ऑनलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया आधिकारिक रूप से शुरू हो गई है। श्रद्धालु अब घर बैठे अपनी यात्रा सुरक्षित कर सकते हैं।
पंजीकरण कैसे करें? (How to Register)
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सरकार ने तीन मुख्य माध्यम उपलब्ध कराए हैं:
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आधिकारिक वेबसाइट: registrationandtouristcare.uk.gov.in पर जाकर आवेदन करें।
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मोबाइल ऐप: गूगल प्ले स्टोर से ‘Tourist Care Uttarakhand’ ऐप डाउनलोड कर पंजीकरण किया जा सकता है।
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हेल्पलाइन नंबर: किसी भी सहायता के लिए टोल-फ्री नंबर 0135-1364 पर 24 घंटे संपर्क किया जा सकता है।
चारधाम के कपाट खुलने का कार्यक्रम
इस वर्ष अप्रैल के महीने में चारों धामों के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे:
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गंगोत्री और यमुनोत्री धाम: 19 अप्रैल 2026
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केदारनाथ धाम: 22 अप्रैल 2026
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बदरीनाथ धाम: 23 अप्रैल 2026
(नोट: हेमकुंड साहिब के कपाट खुलने की तिथि की घोषणा अभी शेष है।)
ऑफलाइन पंजीकरण की सुविधा (17 अप्रैल से)
जो श्रद्धालु ऑनलाइन पंजीकरण नहीं कर सकते, उनके लिए 17 अप्रैल से ऑफलाइन केंद्र खोले जाएंगे:
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ऋषिकेश: ट्रांजिट कैंप और यात्रा पंजीकरण केंद्र।
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हरिद्वार: ऋषिकुल ग्राउंड।
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देहरादून: विकासनगर स्थित केंद्र।
पंजीकरण के लिए आवश्यक दस्तावेज
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भारतीय श्रद्धालु: आधार कार्ड अनिवार्य है।
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विदेशी श्रद्धालु: ई-मेल आईडी और पासपोर्ट के माध्यम से पंजीकरण कर सकेंगे।
यात्रा से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें: एक नज़र में (Quick Snapshot)
| विवरण | महत्वपूर्ण जानकारी |
| ऑनलाइन पंजीकरण शुरू | 6 मार्च, सुबह 7:00 बजे से |
| ऑफलाइन पंजीकरण शुरू | 17 अप्रैल से |
| टोल-फ्री नंबर | 0135-1364 |
| अनिवार्यता | सुरक्षित यात्रा के लिए पंजीकरण अनिवार्य है |
राज्य सरकार की अपील: सरकार ने सभी तीर्थयात्रियों से अनुरोध किया है कि यात्रा मार्गों पर अत्यधिक भीड़ से बचने और बेहतर सुविधाओं का लाभ उठाने के लिए पहले से पंजीकरण अवश्य कराएं। इससे प्रशासन को आवास, स्वास्थ्य और सुरक्षा व्यवस्थाओं के प्रबंधन में मदद मिलेगी।
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