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मुख्यमंत्री धामी ने मातृशक्ति को दी बधाई; ‘लखपति दीदी’ और ‘समान नागरिक संहिता’ को बताया गेम चेंजर

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देहरादून (8 मार्च 2026): मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उत्तराखंड की महिलाएं परिश्रम, त्याग और समर्पण की प्रतिमूर्ति हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि महिलाओं का सर्वांगीण विकास राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

महिला सशक्तीकरण के ‘धमक’ वाले कदम

मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार की उन उपलब्धियों को गिनाया जिन्होंने राज्य में महिलाओं की सामाजिक और आर्थिक स्थिति को बदल दिया है:

  • लखपति दीदी योजना: * राज्य में 68 हजार स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से 5 लाख महिलाओं को आर्थिक रूप से जोड़ा गया है।

    • अब तक 2 लाख से अधिक महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं (यानी उनकी वार्षिक आय 1 लाख रुपये से अधिक हो गई है)।

  • आरक्षण का सुरक्षा कवच: * सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का कानूनी अधिकार दिया गया है।

    • सहकारी समितियों में भी 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित किया गया है।

  • समान नागरिक संहिता (UCC): * मुख्यमंत्री ने इसे महिलाओं के सम्मान से जुड़ा सबसे बड़ा कानून बताया। उन्होंने कहा कि UCC लागू कर सरकार ने महिलाओं को समान अधिकार देने का अपना वादा पूरा किया है।

विकास में मातृशक्ति का योगदान

मुख्यमंत्री ने स्मरण किया कि राज्य निर्माण आंदोलन में महिलाओं ने अग्रणी भूमिका निभाई थी। आज भी कौशल विकास और स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से ग्रामीण आर्थिकी को महिलाएं ही मजबूती प्रदान कर रही हैं।

“मातृशक्ति के सहयोग और सहभागिता के बिना उत्तराखंड का विकास अधूरा है। हमारी सरकार महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के लिए निरंतर संकल्पबद्ध है।”

पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री


उत्तराखंड में महिला कल्याण: एक नज़र में (At a Glance)

योजना/प्रावधान लाभ/प्रभाव
सरकारी नौकरी आरक्षण 30% क्षैतिज आरक्षण
सहकारी समिति आरक्षण 33% आरक्षण
लखपति दीदी लक्ष्य 2 लाख+ महिलाएं लाभान्वित
स्वयं सहायता समूह 68,000 समूह सक्रिय
समान नागरिक संहिता पैतृक संपत्ति और विवाह में समान अधिकार

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