
देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश के चौमुखी विकास, बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और जनकल्याणकारी योजनाओं को गति देने के लिए करीब 728 करोड़ रुपये की विभिन्न वित्तीय स्वीकृतियों का अनुमोदन दिया है। इस बजट आवंटन में आगामी हरिद्वार महाकुंभ मेला-2027 की दिव्य और भव्य तैयारियों के लिए 492 करोड़ रुपये तथा टिहरी बांध से प्रभावित 178 पात्र विस्थापित परिवारों के नकद प्रतिकर के लिए 132.43 करोड़ रुपये का महत्वपूर्ण प्रविधान शामिल है।
हरिद्वार कुंभ मेला-2027 की तैयारियों के लिए 492 करोड़ रुपये स्वीकृत
राज्य सरकार ने महाकुंभ 2027 की व्यवस्थाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए बजट का एक बड़ा हिस्सा आवंटित किया है। इसके तहत कुंभ क्षेत्र में अस्थायी अधिष्ठान (इन्फ्रास्ट्रक्चर) और अन्य अति-आवश्यक व्यवस्थाओं के लिए राज्य सेक्टर से 175 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इसके अतिरिक्त केंद्र सरकार द्वारा अनुमोदित निर्माण कार्यों के त्वरित क्रियान्वयन हेतु शहरी विकास विभाग के माध्यम से 317 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति दी गई है।
टिहरी बांध प्रभावितों को बढ़ी हुई दर से नकद मुआवजा
पुनर्वास नीति-1988 के अंतर्गत कृषि भूमि के स्थान पर दिए जाने वाले नकद प्रतिकर की दरों में बढ़ोतरी के प्रस्ताव को मुख्यमंत्री ने मंजूरी दे दी है। इस फैसले के तहत टिहरी बांध परियोजना से प्रभावित 178 पात्र परिवारों को कुल 132.43 करोड़ रुपये का नकद मुआवजा (प्रतिकर) वितरित किया जाएगा, जिससे वर्षों से लंबित पुनर्वास संबंधी मामलों का समाधान हो सकेगा।
सड़क, सिंचाई और बुनियादी ढांचे का होगा सुदृढ़ीकरण
कैबिनेट/शासन स्तर पर मंजूर अन्य प्रमुख प्रस्तावों में विभिन्न जिलों के बुनियादी विकास पर ध्यान केंद्रित किया गया है:
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सड़क एवं नहर निर्माण: अल्मोड़ा के सल्ट क्षेत्र में गैरखेत-बलमरा-सराईखेत मोटर मार्ग के डामरीकरण के लिए 6.13 करोड़ रुपये तथा ऊधमसिंह नगर के सितारगंज में सिडकुल से पंडरी तक अपर बैगुल नहर के जीर्णोद्धार के लिए 7.84 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए हैं।
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सिंचाई योजनाएं: पौड़ी के ढिकोलिया में स्प्रिंकलर आधारित नलकूप निर्माण हेतु 1.43 करोड़ रुपये और नैनीताल जिले के ल्वेशाल में लिफ्ट सिंचाई योजना के निर्माण के लिए 2.54 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की गई है।
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हरिद्वार बीएचईएल क्षेत्र: हरिद्वार के बीएचईएल-रानीपुर क्षेत्र में तीन अलग-अलग विकास व निर्माण कार्यों के लिए 2.67 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
धार्मिक स्थलों के विकास और जिला पंचायतों को अनुदान
संस्कृति और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पिथौरागढ़ के लामाखेत स्थित सकत्या बड़बाप मंदिर के सौंदर्यीकरण, सुरक्षा दीवार तथा धर्मशाला निर्माण के लिए 45.03 लाख रुपये दिए जाएंगे। वहीं, चंपावत के गोगना तोक स्थित ऐतिहासिक ब्रह्मचारिणी मेला स्थल के समग्र विकास के लिए 50 लाख रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। इसके अलावा, त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था को सशक्त करने के लिए प्रदेश की जिला पंचायतों को तृतीय तिमाही की किस्त के रूप में 82.21 करोड़ रुपये जारी करने का अनुमोदन भी दिया गया है।